कसौली। हिमालय में विकास के नाम पर अनियोजित निर्माण से तबाही का खतरा बढ़ रहा है। वहीं जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। यह चिंता 15वें खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्ट के दूसरे दिन शनिवार को कसौली क्लब में आयोजित ‘द हिमालयाज : क्लीयर एंड प्रेजेंट डेंजर’ सत्र में जताई गई। सत्र में जाने-माने शिक्षाविद एवं पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ऑनलाइन शामिल हुए, जबकि पूर्व आईएएस अधिकारी, पर्यावरणविद एवं लेखक डॉ. रवि चोपड़ा ने भी हिमालयी क्षेत्र के अस्तित्व पर मंडरा रहे गंभीर संकट को लेकर चेताया।
वांगचुक ने कहा कि हिमालय को ‘एशिया का जल मीनार’ कहा जाता है, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है। ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने प्रकृति के साथ खिलवाड़ तत्काल बंद करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रख्यात लेखक और पत्रकार किशलय भट्टाचार्य के साथ संवाद करते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते, बल्कि सूचना और तकनीक के मोर्चों पर भी उनकी अहम भूमिका होती है। बदलते समय में युद्ध की प्रकृति व्यापक हुई है और इसमें कूटनीति, अर्थव्यवस्था, मनोविज्ञान और सूचना प्रबंधन जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। सत्र के दौरान नरवणे ने सेना के शीर्ष नेतृत्व के सामने आने वाली चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शांति और संघर्ष के बीच संतुलन बनाए रखना सैन्य नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में कई बार रणनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने पड़ते हैं, जिनके पीछे के कारण तत्काल सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
कश्मीर की सामान्य स्थिति पर विशेषज्ञों में मतभेद
कश्मीर पर आयोजित सत्र में विशेषज्ञों ने राज्य में सामान्य स्थिति, कश्मीरी लोगों की गरिमा और कश्मीरी पंडितों की वापसी जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। ए जनरल एंड ए स्पाई : द कश्मीर फाइल्स पर चर्चा करते हुए मेजर जनरल रंजन महाजन और पूर्व रॉ चीफ एएस दुल्लत ने कहा कि उनके समय में कश्मीर में कुछ सही नहीं था। कश्मीरियों ने काफी कुछ झेला, लेकिन आज के समय काफी कुछ सही हो गया है। इस पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि कश्मीर में स्कूल और कॉलेज खुले हैं व लोग घूम रहे हैं, लेकिन हर जगह सशस्त्र पुलिसकर्मी होने पर इसे सामान्य कैसे कहा जा सकता है।
कश्मीर पर आयोजित सत्र में विशेषज्ञों ने राज्य में सामान्य स्थिति, कश्मीरी लोगों की गरिमा और कश्मीरी पंडितों की वापसी जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। ए जनरल एंड ए स्पाई : द कश्मीर फाइल्स पर चर्चा करते हुए मेजर जनरल रंजन महाजन और पूर्व रॉ चीफ एएस दुल्लत ने कहा कि उनके समय में कश्मीर में कुछ सही नहीं था। कश्मीरियों ने काफी कुछ झेला, लेकिन आज के समय काफी कुछ सही हो गया है। इस पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि कश्मीर में स्कूल और कॉलेज खुले हैं व लोग घूम रहे हैं, लेकिन हर जगह सशस्त्र पुलिसकर्मी होने पर इसे सामान्य कैसे कहा जा सकता है।
