शिमला, 8 अक्तूबर। शिमला जिले में टीबी के खिलाफ अभियान को अब पंचायत और वार्ड स्तर तक तेज किया जाएगा। जिले की 412 पंचायतों में से 141 को वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब स्वास्थ्य विभाग ने शेष क्षेत्रों में जागरूकता, स्क्रीनिंग और समय पर उपचार पर जोर दिया है। इसी कड़ी में वीरवार को डीडीयू जिला प्रशिक्षण केंद्र में ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ (जॉश) टीमों का शुभारंभ किया गया।शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा ने टीमों का शुभारंभ करते हुए युवाओं, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवियों और सामुदायिक संगठनों से टीबी के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्षण वाले व्यक्ति को समय पर जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना जरूरी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि जिले में टीबी के अधिसूचित मामले 2022 में 1794 थे, जो 2026 में घटकर 1450 रह गए हैं। जिला टीबी अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल के अनुसार इस वर्ष गांव और वार्ड स्तर पर 205 स्क्रीनिंग शिविर लगाए जा चुके हैं। अब दूरदराज क्षेत्रों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे से जांच को मजबूत किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग ने उपचार पूरा कर चुके 312 टीबी चैंपियनों को भी अभियान से जोड़ा है। ये अपने अनुभव साझा कर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करेंगे और मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे।
