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शिमला। मानसून सत्र में राज्य चयन आयोग की भर्तियों और मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए शिलान्यास-उद्घाटनों से जुड़े सवालों पर सरकार की ओर से बार-बार सूचना एकत्रित की जा रही है का जवाब दिए जाने पर विपक्ष ने विरोध जताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सूचनाएं सदन से छिपा रही है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार कोई जानकारी नहीं छिपा रही और सभी तथ्यों को संकलित कर सदन में रखा जाएगा। मामले की शुरुआत भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और विपिन परमार के उस सवाल से हुई, इसमें राज्य चयन आयोग के गठन के बाद सृजित पदों, भर्तियों और रोजगार से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि संबंधित सूचना अभी एकत्रित की जा रही है। इस पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यही प्रश्न पिछले तीन विधानसभा सत्रों से पूछा जा रहा है और हर बार सरकार एक ही जवाब दे रही है। विपिन परमार ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं कई बार रोजगार और पद सृजन के दावे कर चुके हैं। ऐसे में यह बताना कठिन नहीं होना चाहिए कि आयोग बनने के बाद कितने पद सृजित हुए, कितने पदों को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली, कितनी भर्तियां हुईं और कितने मामले चयन आयोग तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि चयन आयोग के गठन से पहले भर्ती प्रक्रियाओं में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी कारण सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में होने वाले अगले सत्र या मार्च 2027 के बजट सत्र में यह सूचना उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए शिलान्यास और उद्घाटनों की संख्या से संबंधित सवाल पूछा। इस पर भी सरकार की ओर से यही जवाब दिया गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इसके बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के हर कार्यक्रम, दौरे, उद्घाटन और शिलान्यास का पूरा रिकॉर्ड सरकारी तंत्र के पास उपलब्ध रहता है। इसके बावजूद सदन को जानकारी न देना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सूचना से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। यह एक अपराध है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह ऐसी जानकारी है जो पांच मिनट में उपलब्ध हो सकती है, लेकिन सरकार महीनों से इसे देने से बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है कि सदन में पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे।

मार्च 2027 तक जानकारी देंगे, 2028 में भी हम ही होंगे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं का काम अभी प्रगति पर है और सरकार अधूरी नहीं बल्कि संपूर्ण व प्रमाणिक जानकारी देना चाहती है। इसी कारण आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2026 या मार्च 2027 तक पूरी जानकारी सदन में उपलब्ध करा दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की टिप्पणियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि साल 2028 में भी उनकी ही सरकार यह जानकारी देने के लिए मौजूद होगी। मुख्यमंत्री ने यह दावा भी किया कि उनकी सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं और अधिक शिलान्यास तथा उद्घाटन किए हैं।

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