शिमला। मानसून सत्र में राज्य चयन आयोग की भर्तियों और मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए शिलान्यास-उद्घाटनों से जुड़े सवालों पर सरकार की ओर से बार-बार सूचना एकत्रित की जा रही है का जवाब दिए जाने पर विपक्ष ने विरोध जताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सूचनाएं सदन से छिपा रही है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार कोई जानकारी नहीं छिपा रही और सभी तथ्यों को संकलित कर सदन में रखा जाएगा। मामले की शुरुआत भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और विपिन परमार के उस सवाल से हुई, इसमें राज्य चयन आयोग के गठन के बाद सृजित पदों, भर्तियों और रोजगार से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि संबंधित सूचना अभी एकत्रित की जा रही है। इस पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यही प्रश्न पिछले तीन विधानसभा सत्रों से पूछा जा रहा है और हर बार सरकार एक ही जवाब दे रही है। विपिन परमार ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं कई बार रोजगार और पद सृजन के दावे कर चुके हैं। ऐसे में यह बताना कठिन नहीं होना चाहिए कि आयोग बनने के बाद कितने पद सृजित हुए, कितने पदों को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली, कितनी भर्तियां हुईं और कितने मामले चयन आयोग तक पहुंचे।
