शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 13 अक्तूबर को दोपहर एक बजे जारी दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, 14 और 15 अक्तूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 16 और 17 अक्तूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
कांगड़ा, कुल्लू और चंबा में ओलावृष्टि की संभावना
जिलावार चेतावनी के अनुसार, 14 अक्तूबर को चंबा और कांगड़ा में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना है। कुल्लू में भी ऐसी स्थिति बन सकती है। मंडी में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।15 अक्तूबर को ऊना और बिलासपुर में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भी कुछ स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सोलन और सिरमौर में भी आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने 16 और 17 अक्तूबर के लिए जिलावार तालिका में किसी जिले के लिए विशेष आंधी-तूफान संबंधी चेतावनी नहीं दर्शाई है। हालांकि, इन दिनों कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का पूर्वानुमान है।
जिलावार चेतावनी के अनुसार, 14 अक्तूबर को चंबा और कांगड़ा में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना है। कुल्लू में भी ऐसी स्थिति बन सकती है। मंडी में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।15 अक्तूबर को ऊना और बिलासपुर में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भी कुछ स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सोलन और सिरमौर में भी आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने 16 और 17 अक्तूबर के लिए जिलावार तालिका में किसी जिले के लिए विशेष आंधी-तूफान संबंधी चेतावनी नहीं दर्शाई है। हालांकि, इन दिनों कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का पूर्वानुमान है।
खराब मौसम में सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी है। बुलेटिन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में दृश्यता कम हो सकती है और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों और फलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने सुरक्षित स्थान पर शरण लेने, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, उड़ते मलबे से सावधान रहने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। किसानों को ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपलब्ध बचाव उपाय अपनाने चाहिए।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी है। बुलेटिन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में दृश्यता कम हो सकती है और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों और फलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने सुरक्षित स्थान पर शरण लेने, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, उड़ते मलबे से सावधान रहने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। किसानों को ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपलब्ध बचाव उपाय अपनाने चाहिए।
