प्रशासन द्वारा मकानों में विकसित हुई दरारों के कारणों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आकलन करवाने के लिए आईआईटी रुड़की को विशेषज्ञ दल भेजने का अनुरोध कर दिया गया है। विशेषज्ञ दल द्वारा प्रभावित मकानों का निरीक्षण कर दरारों के कारणों की पहचान करने के साथ-साथ सुरंग निर्माण का आगामी कार्य सुरक्षित रूप से करने के लिए आवश्यक सावधानियों एवं उपायों के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एनएचएआई से प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार और उप प्रबंधक सुमित बंसल, गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी से जनरल मैनेजर कुलदीप गुजराल, भारत कंस्ट्रक्शन से प्रोजेक्ट मैनेजर सदानंद मोहंती और एचआर मैनेजर रविंदर चंदेल, काला से नायब तहसीलदार लायक राम शर्मा और बी. एस. चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन निरंतर कर रहा प्रभावित क्षेत्र की निगरानी
उल्लेखनीय है कि मकानों में दरारें आने की सूचना प्राप्त होने के उपरांत ही प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) तथा उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया था। आज उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक शिमला, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल), उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा प्रभावित लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा प्रभावित मकानों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।
