कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ सहित अन्य रिक्त पदों के खाली होने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. अब जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और सरकार को 2 दिनों के भीतर शिशु रोग विशेषज्ञ के पद को भरने के निर्देश दिए गए हैं.
दरअसल, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मंजूर करते हुए मंगलवार को आदेश दिए कि सरकार 2 दिनों के भीतर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती करे. उच्च न्यायालय ने सरकार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए भी 2 सप्ताह के भीतर भरने के निर्देश दिए हैं. फटकार के बाद कुल्लू अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के ऑर्डर भी किए हैं, जिससे अब 4 माह के बाद क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में छोटे बच्चों को इलाज की सुविधा मिलेगी.
जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार ने कहा कि पिछले 10 माह से रेडियोलॉजिस्ट और 4 माह से शिशु रोग विशेषज्ञ सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली पड़े हुए हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. मामले को लेकर सरकार से बार-बार खाली पदों को भरने का आग्रह किया गया, लेकिन सरकार ने लोगों की अनदेखी की है. मजबूर होकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में जनहित याचिका पर न्यायालय ने सरकार को 2 दिनों के भीतर शिशु रोग विशेषज्ञ और 2 सप्ताह के भीतर अन्य डॉक्टरों का पैरा मेडिकल स्टाफ के खाली पदों को भरने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए माननीय उच्च न्यायालय का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे में अब यहां छोटे बच्चों को इलाज की सुविधा मिलेगी.
