मंडी, 27 अगस्त: सरकाघाट शहर के साथ लगती तीन पंचायतों को जाने वाली सरकाघाट खलारडु सड़क पिछले तीन दशकों से राजनीतिक और अफसरशाही की शिकार होकर रह चुकी है। करीब 3 पंचायतों को सरकाघाट से जोडऩे वाली इस सड़क पर आज तक न तो एंबुलेंस सुविधा शुरू हो पाई है और न ही कोई बस सेवा शुरू हो पाई है। सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि इस पर पैदल चलना भी किसी खतरे से खाली नहीं है। हलाकि नेताओं ने चुनाव के दौरान इस सड़क को लेकर बार-बार वोट लेने तक ही सीमित रखा और चुनावों के बाद किसी ने भी इस की दशा सुधारने की जहमत नहीं उठाई।
सड़क के अभाव में कई बीमार लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेमौत मारे जा चुके हैं। बावजूद इसके आज तक सड़क निर्माण को लेकर कोई भी पहल नहीं की जा सकी है। यही नहीं सड़क पर कई प्रभावशाली लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है, जिसके चलते आज तक कोई भी विभाग सड़क की दशा सुधारने और वाहन चलाने के प्रति गंभीर नहीं है। हालांकि राजस्व विभाग द्वारा तीन बार इस सड़क की निशानदेही की जा चुकी है और विभाग ने लोगों को नोटिस भी भेजे हैं। परंतु वर्षों बीत जाने के बाद भी न तो अतिक्रमण हटाया जा सका है और न ही सड़क को चौड़ा करवाने की कोशिशें की गई है।
हैरानी इस बात की है कि पूर्व मंत्री रंगीला राम राव ने 30 मार्च 1995 को इस सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद बस सेवा को हरी झंडी दिखाई थी, परंतु झंडी वाले दिन के बाद से लेकर आज तक बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है।हालांकि इस दौरान दोनों सरकारों से कई नेता प्रदेश की राजनीति में कई उच्च पदों पर रहे, लेकिन सड़क आज तक अधर में लटकी होने से करीब 20 हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है।
तहसीलदार सरकाघाट दीनानाथ यादव ने बताया कि सड़क निशानदेही 15 सितम्बर के बाद हर हाल में कर ली जाएगी। वहीं, लोक निर्माण विभाग सरकाघाट के एक्सीयन विनोद कुमार ने बताया खलारडु सरकाघाट सड़क की डीपीआर बन गई है बरसात के बाद सड़क के निर्माण कार्य का काम शुरू कर दिया जाएगा।
