शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ आज कांगड़ा के भाजपा के विधायकों की दोपहर को एक बैठक थी जो बैठक करीब 3 घंटे चली ।।बैठक में सबसे पहले उठ कर बाहर आने वालों में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार और वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्रिपद के प्रवाल दावेदार नूरपुर से विधायक राकेश पठानिया रहे। उसके बाद दोनों ही मंत्री सरवीण चौधरी और विक्रम ठाकुर ओक ओवर से बाहर आए ।लेकिन असली बवाल तब हुआ जब मीडिया में सीधे-सीधे ज्वालामुखी से विधायक रमेश धवला ने संगठन मंत्री पवन राणा पर सीधा-सीधा राजनीतिक हमला बोल दिया ।भाजपा के भीतर चल रहे इस भूचाल में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हाईकमान के दखल के बिना विराम लगा पाएंगे और इस तूफान को ठंडा कर पाएंगे ऐसा आज 3 घंटे तक चली बैठक के बाद भी नजर कहीं नहीं आ रहा।
भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा को लेकर रमेश धवला की नाराजगी विधानसभा चुनावों से पहले से चल रही है और धवला कई बार पवन राणा पर इससे पहले भी इलाके में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के आरोप उनके ऊपर लगाते रहे। लेकिन अब जब सरकार को ढाई साल पूरे हो चुके हैं ऐसे में जहां मिशन रिपीट की तरफ सरकार को आगे बढ़ना चाहिए था लेकिन यहां पर आपसी फूट कोविड-19 में चरम पर दिखाई दे रही हैं। ना सिर्फ रमेश धवला बल्कि इससे पहले भी जब कांगड़ा में हुई एक बैठक को लेकर चर्चा चली तो पठानिया ने एक लेटर जगत प्रकाश नड्डा को बैठक में शामिल हुए लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भेजा जिसमें कांगड़ा और चंबा के विधायकों के नाम लिखे हुए थे ।अब देखना है कि पार्टी हाईकमान इस फीडबैक से किया निर्णय लेता है।
