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सोलन : हिमाचल प्रदेश में परिवहन विस्तार का दारोमदार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पहली फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट पर निर्भर करेगा। इस बार बजट से बद्दी-चंडीगढ़ रेललाइन परियोजना के लिए बजट घोषित होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त राज्य की उम्मीद भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन निर्माण के लिए एकमुश्त पर्याप्त बजट मिलने की है, जबकि हेरीटेज रेल का दर्जा प्राप्त कालका-शिमला रेल में नई कोच जुड़ सकती है।

मंडी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को बजट में केंद्र सरकार राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के तौर पर शामिल करती है तो सेना के लिए चीन सीमा तक पहुंचने में सुविधा होगी, जबकि इस परियोजना का लाभ प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं पर नजर आएगा। प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश की दृष्टि से हिमाचल को सबसे उपयुक्त गंतव्य के तौर पर विकसित करना चाहती है। देखना यह है कि केंद्रीय बजट में औद्योगिक क्षेत्र को किस तरह की रियायतों की घोषणा होती है।

 

रेल को ग्रीन सिग्नल का इंतजार

बद्दी-चंडीगढ़ रेललाइन पर प्रदेश की ओर से भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा चुका है। यह बद्दी-अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जुडऩे और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक होगा। बद्दी की ओर से कार्य की शुरुआत हो सकती है। जगाधरी-पांवटा साहिब रेललाइन के सर्वेक्षण की घोषणा होती है तो काला अंब औद्योगिक क्षेत्र को बद्दी-अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जोडऩे में सहायक होगा। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के निर्माण को गति देने के लिए पर्याप्त बजट अपेक्षित है, तभी रेल लाइन बैरी तक पहुंचेगी। इस लाइन का लेह तक विस्तार करना सामरिक दृष्टि से भी बहुत जरूरी है। कालका-शिमला रेल ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन में नए कोच जोड़े जाने चाहिए, क्योंकि मौजूदा कोच बहुत पुराने हैं।

रेल को ग्रीन सिग्नल का इंतजार

बद्दी-चंडीगढ़ रेललाइन पर प्रदेश की ओर से भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा चुका है। यह बद्दी-अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जुडऩे और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक होगा। बद्दी की ओर से कार्य की शुरुआत हो सकती है। जगाधरी-पांवटा साहिब रेललाइन के सर्वेक्षण की घोषणा होती है तो काला अंब औद्योगिक क्षेत्र को बद्दी-अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जोडऩे में सहायक होगा। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के निर्माण को गति देने के लिए पर्याप्त बजट अपेक्षित है, तभी रेल लाइन बैरी तक पहुंचेगी। इस लाइन का लेह तक विस्तार करना सामरिक दृष्टि से भी बहुत जरूरी है। कालका-शिमला रेल ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन में नए कोच जोड़े जाने चाहिए, क्योंकि मौजूदा कोच बहुत पुराने हैं।

 

मुख्यमंत्री ने उठाया है मुद्दा

अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने कहा प्रदेश सरकार की ओर से कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए रेलवे व हवाई अड्डों का विस्तार व निर्माण को लेकर केंद्र सरकार को अवगत करवाया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय मंत्रियों से दिल्ली में मंत्रणा करके आए हैं। इससे पहले प्रदेश सरकार की ओर से लिखित तौर पर भी केंद्रीय बजट में धन देने के लिए अवगत करवाया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी रियायतें घोषित होने से राज्य में स्थापित हो रहे उद्योगों व पुराने उद्योगों को राहत प्राप्त हो सकती है।

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