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बद्दी। हिमाचल प्रदेश में बॉर्डर एरिया में लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। बढ़ी हुई शुल्क दरों के विरोध में इलाका संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को प्रदेश के 52 एंट्री प्वाइंट पर प्रदर्शन किए गए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर गरामोड़ा में प्रदर्शनकारियों ने सडक़ जाम कर दी, जबकि ऊना जिला के मैहतपुर में भी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चक्का जाम किया। इसके चलते हिमाचल और पंजाब के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ तथा सीमा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

प्रदेश सरकार ने पहले छोटे वाहनों के लिए एंट्री टैक्स 170 रुपए निर्धारित किया था। व्यापक विरोध के बाद इसे घटाकर 100 रुपए कर दिया गया, लेकिन स्थानीय लोग और संघर्ष समिति इस शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है।

सीमा पर फंसी गाडिय़ां

प्रदर्शन के कारण हिमाचल से पंजाब की ओर जाने वाले ट्रक, बसें और निजी वाहन बॉर्डर पर ही फंस गए। पुलिस प्रशासन ने यातायात सुचारू रखने के लिए नयना देवी और टोबा मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया, लेकिन भारी वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। चक्का जाम का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ा जो जरूरी काम, दफ्तर या आपातकालीन कारणों से यात्रा कर रहे थे।

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