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शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को रिज में हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह फेस्ट हिमाचल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता कार्यक्रम प्रदेश के उद्यमों को क्षमता निर्माण, वित्तीय सहायता तथा बाजार तक पहुंच प्रदान कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचली उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘हिम’ ब्रांड नाम को प्रोमोट कर रही है, ताकि हिमाचली उत्पादों की अलग पहचान सुनिश्चित हो सके और वह देशभर में लोकप्रिय हो उनकी अलग पहचान बने।

सीएम सुक्खू ने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नवोदित उद्यमों के लिए अवसरों का सशक्त मंच है। यह आयोजन ‘मेड इन हिमाचल’ ब्रांड को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण, पारंपरिक एवं स्थानीय एमएसएमई उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है तथा हिम एमएसएमई फेस्ट इस संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।

केंद्र को भेजे 1642 करोड़ के प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र को 1642 करोड़ के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें से अब तक 109 करोड़ 34 लाख स्वीकृत हो चुके हैं। गत तीन वर्षों में प्रदेश में 107 स्टार्ट अप प्रारंभ किए जा चुके हैं तथा 407 स्टार्टअप स्थापना की प्रक्रिया में हैं। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्यमियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का शुभारंभ और अवलोकन किया तथा इनमें गहरी रूचि दिखाई।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

मौके पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेेंद्र राजन और विवेक शर्मा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्यालए मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहानए पार्षद नगर निगम शिमला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नए औद्योगिक क्षेत्र को देंगे बढ़ावा

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि औद्योगिकी करण को बढ़ावा देने के लिए इस फेस्ट के दौरान ग्रीन मोबिलिटी, डिफेंस, फार्मास्यूटिकल, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृत्रिम मेधा, इलेक्ट्रॉनिक चिप और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत प्रसिद्ध औद्योगिक घरानों के साथ रणनीतिक संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने प्रदेश में स्टार्टअप, उद्योग के विकास और विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

प्रदेश सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना

प्रदेश के कारीगरों द्वारा हाथ से बनाई गई शॉल के आज के प्रदर्शन को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला हैए जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। डिवेलपमेंट कमिश्नर फॉर एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार, डा. रजनीश ने प्रदेश में एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। आयुक्त उद्योग डा. यूनुस ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और फेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम और पहाड़ी परिधानों पर आधारित फैशन शो भी प्रस्तुत किया गया।

छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट के अंतर्गत एमएसएमई के हरितीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्रदूषण में कमी, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि तथा परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फेस्ट के दौरान देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि प्रदेश में आएंगे, जिससे कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

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