नई दिल्ली। आजादपुर सब्जी मंडी में कोरोना संक्रमण के 11 मामले आने के बाद हिमाचल की करोड़ों की मटर की फसल के अलावा अन्य सब्जियों पर संकट मंडराने लगा है। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र की मंडियों के कारोबारियों ने शिमला के आढ़तियों को मटर और अन्य सब्जियों को न भेजने के लिए कह दिया है। इस समय हिमाचल के मटर का तुड़ान जोरों पर है। ऐसे में अब सब्जी उत्पादकों की परेशानी बढ़ना तय है। गौर हो कि कोरोना के कारण आजादपुर मंडी के एक कारोबारी की मौत भी हो चुकी है।इसके अलावा यहां और कोरोना के मामले आने से सब्जी कारोबारियों में दहशत है।
उधर तैयार सब्जियों को लंबे समय के लिए न तो बिना तोड़े खेतों में छोड़ा जा सकता है न स्टोर किया जा सकता है। ऐसे में कारोबार बंद होने पर सब्जी उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अकेले शिमला जिले की मंडियों में हर साल मटर का करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। शिमला से मटर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और सूरत सहित अन्य बड़े शहरों के लिए सप्लाई किया जाता है। इस बार 200 मीट्रिक टन मटर के उत्पादन का अनुमान है।ढली मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने वीरवार को एपीएमसी सचिव के माध्यम से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अपील की है कि दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र सरकार से बात कर किसानों की सब्जियां बेचने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें।
एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी में हालात बेहद खराब हो गए हैं, ऐसे में अगर इस मंडी को नरेला शिफ्ट किया जाए तो सब्जियों का कारोबार चल सकता है। इसके लिए प्रदेश सरकार को दिल्ली सरकार के समक्ष मामला उठाना होगा।
