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शिमला । मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग, नेशनल हैल्थ मिशन और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक से अधिक ऑनलाइन सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। इसके लिए नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जो 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान करने से समय और साधनों की बचत होने के साथ ही सेवाओं में सुगमता और गुणवत्ता आएगी। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और अस्पतालों में मरीजों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत मैपिंग का कार्य पंचायत स्तर तक सुनिश्चित किया जाए तथा इसमें मरीज के उपचार से संबंधित डाटा भी शामिल किया जाए। उन्होंने आभा कार्ड का एकीकरण हिम परिवार पोर्टल से करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के डिजिटलीकरण से लोगों को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी, साथ ही सेवाओं की निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र और प्रभावी बनेगा। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. धनीराम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जाइका की मदद से सुधरेगी सेहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के ऑनलाइन रिकॉर्ड से बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और निर्णय क्षमता भी प्रभावी होगी। इससे नवाचार के साथ स्वस्थ नागरिक-सशक्त राज्य के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य संस्थान आधुनिक उपकरणों से लैस हों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाया जा सके।

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