आज सोमवार है और पुरातन काल से ही सोमवार का संबंध भोले नाथ से रहा है। इस दिन को भेले भंडारी (Bhole Bhandari) के भक्त खास मानते हैं और उनकी अराधना करते हैं। मान्यता के मुताबिक सोमवार के दिन व्रत और पूजा करने से शिव जी अपने भक्तों पर बहुत जल्द खुश होते हैं।महादेव अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। व्रत और पूजा करने वालों के जीवन से दुख, रोग, क्लेश व आर्थिक तंगी दूर होती है। कुवांरी कन्याओं द्वारा इस दिन व्रत व शिव पूजन किए जाने से उनका विवाह हो जाता है। इतना ही नहीं उन्हें भोलेनाथ (Bholenath) जैसा मनचाहा वर मिलता है।शिवलिंग की महिमा बताते हुए कहा कि शिवलिंग में मात्र जल चढ़ाकर या बेलपत्र अर्पित करके भी शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष पूजन विधि की आवश्यकता नहीं है।
एक कथा के अनुसार वृत्तासुर के आतंक से देवता भयभीत थे। वृत्तासुर को श्राप था कि वह शिव पुत्र के हाथों ही मारा जाएगा। इसलिए पार्वती के साथ शिवजी का विवाह कराने के लिए सभी देवता चिंतित थे, क्योंकि भगवान शिव समाधिस्थ थे और जब तक समाधि से उठ नहीं जाते, विवाह कैसे होता?देवताओं ने विचार करके रति व कामदेव से शिव की समाधि भंग करने का निवेदन किया। कामदेव ने शिवजी को जगाया तो क्रोध में शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया। रति विलाप करने लगी तो शिव ने वरदान दिया कि द्वापर में कामदेव भगवान के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लेंगे।
सोमवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद मंदिर जाएं या घर पर ही विधिविधान से शिव जी (Shivji) की पूजा करें। सबसे पहले भगवान शिव (Shivji) के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध से स्नान कराएं। इसके बाद उन पर चंदन, चावल, भांग, सुपाड़ी, बिल्वपत्र और धतूरा चढ़ाएं। भोग लगाने के बाद आखिरी में शिव जी (Shivji) की विधिविधान से आरती करें।
सोमवार के उपाय (Somwar Ke Upay)
– मंदिर में जाकर शिव जी (Shivji) को दूध और मिश्री चढ़ाएं। अगर मंदिर न जा सके तो शिव जी को घर में ये चीजें अर्पित करें
– शिव जी को बिल्पपत्र सर्वाधिक प्रिय है। इसलिए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सोमवार को शिव शंकर को 11 बिल्व पत्र चढ़ाएं
– इसके अलावा गंगाजल से उनका हर सोमवार अभिषेक करें। मान्यता है कि इससे भगवान शंकर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं
– ॐ नम शिवाय मंत्र के साथ इन्हें मौसम का कोई मीठा फल अर्पित करें
– मान्यता के मुताबिक शिव जी (Shivji) को इमरती चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है।
