नाहन। जिले के शहीद जवान सुरेश कुमार का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. वह कश्मीर में एक सड़क हादसे में मारे गए थे.इस दौरान मां शीला देवी की आंखों से बेटे को लिपटने के दौरान लगातार बस आंसू बहते रहे. पत्नी शीला को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि 15 व 12 साल के बेटे विवेक व आर्यन को ठीक से इस बात का भी नहीं पता था कि अब उनके पिता नहीं लौटेंगे. करीब 9:15 बजे के आसपास जब इससे पहले, बुधवार रात को ही शहीद की पार्थिव देह नाहन पहुंच गई थी, जिसे मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखा गया था.
गुरुवार सुबह ही पार्थिव घाटी धार के कांडू कटिहार के रहने वाले शहीद सुरेश ठाकुर को बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था. भाई संजीव कुमार व बाबूराम भी गौरवान्वित महसूस कर रहे है। उल्लेखनीय है कि उधमपुर से श्रीनगर जा रहे सेना के काफिले के एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की वजह से घाटी धार के बेटे हवलदार सुरेश ठाकुर
