शिमला | मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 10 जून को किन्नौर जिला के शिपकी ला से सीमा पर्यटन गतिविधियों का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर सद्भावना साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। राज्य सरकार ने रक्षा मंत्रालय से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र लेप्चा, शिपकी ला, गिउ और रानी कंडा में पर्यटन गतिविधियों की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया था और इस संबंध में रक्षा मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को अधिकारियों को आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। इसके उपरांत वे इन क्षेत्रों के नैसर्गिक सौंदर्य को निहार सकेंगे।
सरकार की यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में कारगर साबित होंगी, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। इस संदर्भ में इस वर्ष 19 अप्रैल को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार यहां सेना अधिकारियों और बीआरओ के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों के साथ विभिन्न सीमा विकास परियोजनाओं की समीक्षा की तथा उन्हें इन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा सैन्य बलों को सर्वोत्तम लाभ मिल सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को विकासात्मक परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उत्तर भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल जीडी मिश्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सेना इस क्षेत्र में सेब प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करेगी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को लाभान्वित करने के लिए इस वर्ष जून माह में मोतियाबिंद सर्जरी के लिए चिकित्सा शिविर भी आयोजित करेगी। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, मध्य कमान के मुख्य अभियंता जयचंद्रन, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता एनपी सिंह तथा सेना और बीआरओ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
