वाशिंगटन | दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक अमरीका के राष्ट्रपति का चुनाव डोनाल्ड ट्रंप जीत गए हैं। वह अब अमरीका के 47वें राष्ट्रपति होंगे। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, कमला हैरिस मैजिक नंबर से काफी दूर रहीं। ट्रंप की यह जीत ऐतिहासिक भी है, क्योंकि अमरीका के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ, जब किसी राष्ट्रपति ने एक चुनाव हारने के बाद फिर से व्हाइट हाउस में वापसी की हो। 132 साल पहले ग्रोवर क्लीवलैंड दो बार अमरीका के राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने चार साल के अंतराल पर 1884 और 1892 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। वहीं यूएस प्रेजिडेंट बनने के साथ ही ट्रंप ने एक बेहद अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। डोनाल्ड ट्रंप अमरीका के राष्ट्रपति बनने वाले सबसे उम्रदराज शख्स बन गए हैं। ट्रंप से पहले यह रिकार्ड जो बाइेडन के पास था। ट्रंप ने अमरीकी चुनाव में रिपब्लिकन को बढ़त दिलाकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि बढ़ती उम्र के बावजूद वह एनर्जी से भरे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प का जन्म 14 जून, 1946 को न्यूयॉक में हुआ था। बता दें कि इस बार यूएस प्रेजिडेंट पद के लिए कैंपेन शुरू होने के साथ ही डेमोक्रेट्स ट्रंप की उम्र को लेकर सवाल उठा रहे थे।
डेमोक्रेट्स का कहना था कि 78 साल के ट्रंप प्रेजिडेंट पद के लिए फिट नहीं हैं। बावजूद इसके, ट्रंप ने अपनी ऊर्जा से हर चुनौती का जवाब दिया। अमरीका में सबसे ज्यादा उम्र में राष्ट्रपति बनने वाले व्यक्ति जो बाइडेन हैं। उन्होंने 20 जनवरी, 2021 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली, इसके कुछ महीनों बाद वह 78 साल के हुए थे। अब तक बाइडेन ही अमरीका के इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति थे। बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी। ट्रंप पिछली बार जब 2017 में राष्ट्रपति बने थे तो उनकी उम्र 70 वर्ष थी। बता दें कि ट्रंप इसी साल जून में 78 साल के हुए हैं। मौजूदा समय में ट्रंप की उम्र 78 साल 144 दिन है। ट्रंप की उम्र के मुद्दे पर बात करने वाले डेमोक्रेट्स का कहना है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी उम्र और मानसिक स्थिति के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में ट्रंप के मामले में भी वही सवाल उठाए गए। ट्रंप की उम्र को इस तरह से पेश किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर सवाल उठ सकें। कमला हैरिस के साथी, और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने एक रैली में कहा कि अमरीका को एक नई पीढ़ी की जरूरत है।
तीन सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप : 78 वर्ष, 144 दिन
जो बाइडेन : 78 वर्ष, 61 दिन
(20 जनवरी, 2021 को राष्ट्रपति बने)
रॉनल्ड रीगन : 69 वर्ष
349 दिन (20 जनवरी,
1981 को राष्ट्रपति बने)
तीन सबसे युवा राष्ट्रपति
थिओडोर रूजवेल्ट : 42 वर्ष, 322 दिन (1901 में राष्ट्रपति बने)
जॉन एफ. कैनेडी : 43 वर्ष, 236 दिन (1961 में राष्ट्रपति बने)
बिल क्लिंटन : 46 वर्ष, 154 दिन
(1993 में राष्ट्रपति बने)
ट्रंप बोले, भगवान ने मुझे अमरीका की सेवा के लिए बचाया
डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमरीका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जनता को संबोधित किया। उन्होंने विजयी भाषण देते हुए पेन्सिलवेनिया में खुद पर हुए जानलेवा का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने मुझे किसी खास मकसद से बचाया है। उन्होंने कहा कि कई लोग मुझसे कहते हैं कि भगवान ने किसी मकसद से मेरी जिंदगी को बचाया है। उन्होंने कहा कि वह कारण है अपने देश को बचाना और फिर से अमरीका की महानता को स्थापित करना। उन्होंने कहा कि अब इस मिशन में हम सभी को मिलकर जुटना होगा। हम अपने सभी वादों को पूरा करने वाले हैं। कमला हैरिस को बड़े अंतर से हराने वाले ट्रंप ने कहा कि हमारे सामने जो टारगेट है, वह आसान नहीं हैं, लेकिन मैं अपनी पूरी ताकत और भावना के साथ काम करूंगा। मैं सोच रखा है कि मुझे क्या करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका में किसी भी तरह के विभाजन को हमें खत्म करना होगा। हमें एक अमरीका का लक्ष्य रखना है, जिसमें कोई भेद न रहे। ट्रंप ने कहा कि बीते चार सालों में जो भेद पैदा किए गए हैं, अब उन्हें पीछे छोडऩा होगा। अब एकजुट होने का टाइम आ गया है।
लोग सीधे राष्ट्रपति को वोट नहीं देते, इलेक्टर चुने जाते हैं
अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में सीधा उम्मीदवारों को वोट नहीं किया जाता है। उनकी जगह इलेक्टर्स चुने जाते हैं, जो राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर चुनाव लड़ते हैं। हर राज्य में इलेक्टर्स की संख्या तय होती है। आमतौर पर जिस राज्य में राष्ट्रपति प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, तो उस राज्य की सारी सीटें उसी को मिल जाती हैं। इसे एक उदाहरण से समझें। जैसे पेन्सिलवेनिया में 19 इलेक्टोरल वोट्स हैं। अगर रिपब्लिकन पार्टी ने 9 वोट्स और डेमोक्रेटिक पार्टी ने 8 वोट्स हासिल किए, तो ज्यादा वोट्स लाने की वजह से सभी 19 इलेक्टोरल वोट्स रिपब्लिकन पार्टी के हो जाएंगे। अमरीका के 48 राज्यों में यही चलन है। नेब्रास्का और मेन राज्य में अलग व्यवस्था है। इन राज्यों में जो पार्टी जितने इलेक्टोरल वोट्स हासिल करते हैं, उन्हें उतनी ही सीटें मिलती हैं। जैसे कि इस चुनाव में मेन राज्य से ट्रंप को 1 और कमला हैरिस को 1 इलेक्टोरल वोट यानी 1-1 सीट हासिल हुई है।
ट्रंप की तीन शादियां
डोनाल्ड ट्रंप ने तीन शादियां कीं। उनकी पहली शादी 1977 में मॉडल इवाना से हुई थी। इस शादी से उनके तीन बच्चे हुए – डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, इवांका ट्रंप और एरिक ट्रंप। हालांकि, 1992 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद, 1993 में उन्होंने अभिनेत्री मार्ला मेपल्स से शादी की, जिससे उनकी एक बेटी टिफनी ट्रंप हैं, लेकिन 1999 में दोनों का तलाक हो गया। फिर 2005 में ट्रंप ने मॉडल मेलानिया से शादी की, जो वर्तमान में उनकी पत्नी हैं। मेलानिया और ट्रंप का एक बेटा है, बैरन ट्रंप, जो फिलहाल 13 साल का है। डोनाल्ड ट्रंप का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था। उनकी मां का नाम मेरी और पिता का नाम फ्रेडरिक ट्रंप था। ट्रंप के चार भाई-बहन थे, जिनमें ट्रंप चौथे स्थान पर थे। उनके भाई-बहनों के नाम मेरियेन, एलिजाबेथ, फ्रेड जूनियर और रॉबर्ट हैं। फ्रेड जूनियर का निधन हो चुका है।
शपथ लेने को करना होगा 75 दिन का इंतजार
अमरीका में हर चार साल में राष्ट्रपति चुनाव होते हैं, जिसमें जीतने वाला उम्मीदवार 20 जनवरी को अमरीका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करता है। डोनाल्ड ट्रंप को शपथ लेने के लिए दो माह से ज्यादा वक्त (करीब 75 दिन) का इंतजार करना होगा। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर 1933 में तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने एक परंपरा की शुरुआत की थी, जो आज भी अमरीका में जारी है। इस दिन सबसे पहले नए राष्ट्रपति अपने आवास से निकलकर चर्च जाते हैं। इसके अलावा कैपिटल बिल्डिंग में आने से पहले नए राष्ट्रपति, मौजूदा राष्ट्रपति से मिलने जाते हैं। यहां दोनों के बीच औपचारिक संवाद होता है। हालांकि, जब जो बाइडेन 2021 में राष्ट्रपति बने थे, तो उनके शपथ ग्रहण के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबी छुट्टी पर चले गए थे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या जो बाइडेन ट्रंप के शपथ ग्रहण में शामिल होते हैं या नहीं। इस मुलाकात के बाद नए राष्ट्रपति कैपिटल बिल्डिंग जाते हैं। जहां सबसे पहले उपराष्ट्रपति को शपथ दिलाई जाती है। उसके बाद बारी आती है राष्ट्रपति के शपथ लेने की। प्रेजिडेंट को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की होती है। शपथ के बाद राष्ट्रपति अमरीका की जनता को संबोधित करते हैं। यह कार्यक्रम हो जाने के बाद नए राष्ट्रपति की प्रेजिडेंट रूम में साइनिंग सेरेमनी होगी। इस दौरान राष्ट्रपति नॉमिनेशन और पद ग्रहण करने के बाद अपने पहले आदेशों को साइन करते हैं।
यूं सौंपी जाएगी सत्ता
ऐसा नहीं है कि अमरीका में वोटों की गिनती हो गई, नतीजे आ गए तो बात यहीं खत्म हो गई। ये तो बस पहला पड़ाव है, जो अभी पार हुआ है। अभी तो कई और पड़ाव हैं, जिससे होकर ट्रंप को गुजरना है। तब जाकर वह राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। मोटे तौर पर अगर समझें तो 2025 के जनवरी महीने में नए राष्ट्रपति का शपथ होगा और फिर वह अपना चार साल का कार्यकाल शुरू कर पाएंगे…
पहली अहम तारीख- 10 नवंबर : वोटों की गिनती और नतीजों के बाद अब सभी राज्यों के इलेक्टर्स तय होंगे। यह मिलकर इलेक्टोरल कालेज बनाएंगे, जो राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। दस नवंबर के बाद राज्यों में इलेक्टर को सर्टिफाई (सत्यापित) करने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसे सर्टिफिकेट ऑफ असर्टेनमेंट कहते हैं। अगर कहीं कोई विवाद होता है और दोबारा काउंटिंग की स्थिति बनती है, तो इस प्रक्रिया में देरी भी लग सकती है। इस चुनाव में यह प्रक्रिया पूरी करने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर है। जो सर्टिफिकेट जारी होते हैं, उसमें यह भी लिखा होता है कि जीतने वाले इलेक्टर्स राष्ट्रपति चुनाव में किसे सपोर्ट कर रहे थे। हर एक सर्टिफिकेट की सात कॉपियां बनती हैं, जिस पर गवर्नर का साइन और राज्य का मुहर लगा होता है। इस तरह, आप देखेंगे कि 11 दिसंबर तक सभी 50 राज्यों में 538 इलेक्टर्स तय हो चुके होंगे।
दूसरी अहम तारीख- 17 दिसंबर : 17 दिसंबर को अपने-अपने राज्यों में सभी इलेक्टर्स मिलेंगे और राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। ये इलेक्टर्स अपने वोट के साथ साइन किया हुआ सर्टिफिकेट वॉशिंगटन डीसी भेजेंगे। अमरीकी संविधान में यह कहीं नहीं लिखा है कि इलेक्टर को पॉपुलर वोट को फॉलो करना होगा, लेकिन कई राज्यों के कानून में ऐसा करना जरूरी है। जुलाई, 2020 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि जिन राज्यों में कानून लागू है, वहां के इलेक्टर्स को पॉपुलर वोट को ही फॉलो करना होगा यानी जिसे जनता चुनेगी उसे ही वोट देना होगा।
तीसरी अहम तारीख- 6 जनवरी, 2025 : सभी राज्यों से इलेक्टर के वोट छह जनवरी को वॉशिंगटन पहुंचेंगे। यहीं अमरीकी संसद कैपिटल हिल है। जनवरी के पहले हफ्ते में सांसदों का संयुक्त सत्र (ज्वॉइंट सेशन) बुलाया जाता है। इसी सत्र में उपराष्ट्रपति के सामने ही इलेक्टर्स के वोटों को गिना जाता है। जो कैंडीडेट 538 में से 270 वोटों के आंकड़े को पार कर जाएगा, उसके नाम का नए राष्ट्रपति के रूप में ऐलान हो जाता है, क्योंकि मौजूदा उपराष्ट्रपति सेनेट के अध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं, तो कमला हैरिस ही 2025 में इस गिनती की अध्यक्षता करेंगी।
चौथी अहम तारीख- 20 जनवरी, 2025 : वोटिंग के अलावा अमरीका में यह भी पहले से तय होता है कि नया प्रेजिडेंट कब शपथ लेगा। अमरीकी संविधान के मुताबिक, 20 जनवरी को नया राष्ट्रपति पद की शपथ लेता है। इसी दिन मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन चुने हुए नए राष्ट्रपति को सत्ता सौपेंगे। इसे इनॉगरेशन डे भी कहते हैं। पहली बार साल 1937 में 20 जनवरी को शपथ ली गई थी। उस समय अमरीकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली थी।
