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मंडी | हिमाचल प्रदेश में बरपी प्राकृतिक आपदा से पार पाने को घोषित केंद्रीय राहत पैकेज पर सुक्खू सरकार और मोदी सरकार में ठन गई है। मंडी में सुक्खू सरकार की तीसरी सालगिरह मनाने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डेरा डाले राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने साफ कहा है कि आपदा राहत पैकेज हिमाचल का हक है और केंद्र की मोदी सरकार कोई खैरात नहीं दे रही है। हिमाचल अपना हक मांग रहा है और हिमाचल दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में आई आपदा से पार पाने के लिए 1500 करोड़ के जिस राहत पैकेज की घोषणा की है, उसकी अदायगी न किया जाना ही यह दिखा रहा है कि केंद्र सरकार हिमाचल से भेदभाव कर रही है। मंडी में राजस्व मंत्री जगत नेगी ने सुक्खू सरकार के जन संकल्प सम्मेलन से पहले केंद्रीय सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हिमाचल आकर भी केंद्रीय राहत पैकेज की घोषणा के नाम पर प्रभावितों से छलावा कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों की आकलन रिपोर्टं में ही यह पाया गया है कि बरसात में 6000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान प्राकृतिक आपदा आने से हुआ है, लेकिन आज तक एक रुपए भी केंद्र सरकार ने नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि बीते तीन सालों में सुक्खू सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं सहित राजनीतिक आपदाओं से पार पाया है। ऑपरेशन लोटस को नकारा है और इसमें शामिल छह कांग्रेसियों को भी सबक सिखाया है। मंडी में 11 दिसंबर को सुक्खू सरकार अपनी तीन साल की उपलब्धियों को भी लोगों के समक्ष रखेगी। जनता से संवाद स्थापित करेगी और अगले दो सालों का विजन भी पेश करेगी। सुक्खू सरकार जन संकल्प सम्मेलन में नई स्कीम लांच करेगी। इन योजनाओं का मकसद लोगों का कल्याण करना होगा। इसकी तैयारी हो गई है।

आठ करोड़ से होगा सरकार का सम्मेलन

मंडी पहुंचे मंत्री जगत सिंह ने बताया कि आठ करोड़ से आपदा प्रभावितों की कोई कितनी मदद कर सकता है। जन संकल्प सम्मेलन पर खर्च किए जा रहे आठ करोड़ के मसले पर राजस्व मंत्री ने कहा कि इस पैसे से प्रभावितों की ज्यादा मदद नहीं हो पाएगी।

650 पुलिस जवानों के घेरे में रहेंगे सीएम

सुरक्षा की तैयारियों को लेकर डीजीपी ने भी किया मंडी का दौरा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 650 पुलिस जवानों के घेरे में रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डीजीपी अशोक तिवारी भी मंडी पहुंचे हैं। पड्डल मैदान में आयोजित होने जा रहे जन संकल्प सम्मेलन को लेकर मंडी सेक्टरों में बंट गया है। पड्डल में कैमरों के साथ भी हर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक को दुरुस्त बनाने के लिए शहर के चौक वन-वे हो गए हैं। 100 बसों और 1000 छोटे वाहनों के लिए नई पार्किंग भी बन गई है। लोगों को लाने वाली बसें फोरलेन किनारें और विक्टोरिया ब्रिज के नीचे ब्यास किनारे पार्क होंगी। सुबह सात से शाम दह बजे तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों ट्रक, ट्रेलर आदि की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और कई प्रमुख सडक़ों को एकतरफा कर दिया गया है।

रिवालसर और कोटली की ओर से आने वाली बसे तल्याहड़ से मंडी बस स्टैंड सन्यारडी बाइपास-केहनवाल चौक पुलघराट होकर आएंगी। मंडी से तल्याहड़ की ओर जाने वाली बसें स्कोडी ब्रिज-जेल रोड़ होकर जाएंगी। गांधी चौक से विक्टोरिया ब्रिज केवल कारों के लिए एकतरफा होगा। बाइक-स्कूटर नहीं चलेंगे। सुकेती खड्ड पर पुराना ब्रिज एक दिशा, नया ब्रिज दूसरी दिशा में होगा। पुलघराट-सब्जी मंडी-मलोरी रोड़ केवल मलोरी की तरफ एकतरफा भारी वाहनों के लिए होगा। पुलिस ने शहर के अंदर और आसपास 14 पार्किंग स्थल चिह्नित किए हैं, जिनमें यू-मॉल, रिवर बेड, भिउली में गोबिंद घाट, गुरुद्वारा पार्किंग, आईएसबीटी रूफ पार्किंग, भवानी पार्किंग आदि शामिल हैं। कुछ पार्किंग पेड भी हैं।

बसों के ड्रॉप और पिकअप प्वाइंट

बिलासपुर-सुंदरनगर से आने वाली बसें पड्डल ग्राउंड के पास यात्रियों को उतारेंगी और मलोरी टनल के आगे पार्क होंगी। कुल्लू-मनाली और पंडोह की ओर से आने वाली बसें आईएसबीटी मंडी के पास उतारकर बिंद्रावणी और मलोरी की तरफ पार्किंग में जाएंगी। जोगिंद्रनगर-पद्धर की बसें विक्टोरिया ब्रिज के पास रिवर बेड पार्किंग में पार्क होंगी। वापसी में यात्रियों को चढ़ाने के लिए पुलघरात, भिउली और रिवर बेड पार्किंग को पिकअप प्वाइंट बनाया गया है।

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