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बजट बुक  में छपने के लिए अपने हलके लाहौल स्पीति का पूरा ब्योरा नहीं भेजने पर कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा तल्ख हो गए। मारकंडा सचिवालय पहुंचे तो उन्होंने अपने कार्यालय में बैठते ही जनजातीय विकास विभाग की शाखा के कुछ कर्मचारियों को तलब किया। उन्होंने इन कर्मचारियों को दो टूक कहा कि जनता उम्मीद करती है कि उनकी योजनाएं बजट में आएंगी, मगर इसके कागज दफ्तरों में दबे रह जाते हैं। मंत्री ने जनजातीय विकास विभाग को सड़क, पानी के मिले प्रस्तावों का ब्योरा तलब किया।  मारकंडा की इस तल्खी के बाद सचिवालय की संबंधित शाखा और जनजातीय विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी एकदम चुस्त-दुरुस्त हो गए। इसके बाद मारकंडा के मार्क किए लाहौल स्पीति के लोगों के पीने के पानी, सड़कों और भवनों के तमाम प्रस्ताव ढूंढे जाने लगे। इन्हें योजना विभाग को भेजा जाएगा। ये प्रस्ताव वास्तविक नई स्कीमों और ऑनगोइंग योजनाओं के हैं। मारकंडा की तल्खी के दौरान रामपुर से विधानसभा के प्रत्याशी रहे पीएस द्रैक, मार्केटिंग बोर्ड के एक अधिकारी और अन्य लोग भी मौजूद रहे। 

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