सोलन | सोलन के बघाट बैंक मेंं आरबीआई ने आठ अक्तूबर के पत्र के माध्यम से छह महीने तक जमाकर्ताओं द्वारा दस हजार रुपए से अधिक की निकासी पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। साथ ही बैंक के शेयरधारकों और खाताधारकों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इन कदमों का ब्यौरा सरकार ने विधानसभा में दिया है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल के जवाब में बताया गया कि बघाट अर्बन को-आपरेटिव बैंक पर लगे प्रतिबंध (एआईडी यानी ऑल इनक्लूसिव डायरेक्शन) हटाने और बैंक को एनपीए से बाहर निकालने को लेकर वसूली प्रक्रिया जारी है। सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन में एग्जीक्यूशन मामलों में वसूली प्रक्रिया चल रही है। दोषियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट भी जारी किए जा रहे हैं।
अब तक 4.90 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। इसमें से सरफेसी अधिनियम के तहत 2.44 करोड़ रुपए सहकारी सभाएं सोलन की तरफ से पचास लाख रुपए व बैंक के द्वारा 1.95 करोड़ रुपए वसूल किए जा चुके हैं। बैंक को कठिन परिस्थितियों से निकालने के लिए प्रबंधन ने सरकार के समक्ष 50 करोड़ की पूंजी प्रवाह यानी इक्विटी इन्फ्यूजन की मांग का आवेदन किया है। इसके अलावा सरकारी स्तर पर सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन के कार्यालय के माध्यम से संपत्ति कुर्की के 88 मामले चल रहे हैं। इसके अलावा वाहन कुर्की के 11 आदेश जारी हुए हैं। कुल दस बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा 34 लोगों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। वेतन अटैचमेंट नोटिस के तहत पांच नोटिस जारी किए गए और एक मामले में वेतन अटैच किया गया है। उपरोक्त कार्यालय में 157 वसूली प्रकरण हैं। बैंक को कुल 58.57 करोड़ रुपए से अधिक की रकम वसूलनी है।
