बद्दी। पांच साल में पहली बार दिवाली पर हिमाचल के आठ शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। 31 अक्तूबर को दिवाली की रात पटाखों और आतिशबाजी से धर्मशाला, नालागढ़, बरोटीवाला, सुंदरनगर, पांवटा साहिब, परवाणू, ऊना और बद्दी का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 100 से ऊपर रहा। इसे स्वास्थ्य के लिहाज से असंतोषजनक माना जाता है। शिमला का एक्यूआई 66 रहा जो बीते साल के मुकाबले कम है। लेकिन 50 से अधिक होने के कारण बेहतर की श्रेणी में नहीं है।
बद्दी का एक्यूआई 392 दर्ज हुआ
दिवाली पर पहली बार प्रदेश के किसी शहर का एक्यूआई लाल श्रेणी (खतरनाक) में पहुंचा। बद्दी का एक्यूआई दिवाली की रात 392 दर्ज किया गया, जो गुणवत्ता के हिसाब से बेहद खराब माना जाता है। पिछले साल प्रदेश के तीन शहरों धर्मशाला, पांवटा साहिब और ऊना का एक्यूआई 100 से अधिक था। मनाली की आबोहवा 55 एक्यूआई के साथ सबसे शुद्ध और शिमला की 78 एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर थी। 153 एक्यूआई के साथ ऊना की सबसे अधिक प्रदूषित थी।
2022 में ये था इन शहरों का प्रदूषण स्तर
शिमला का एक्यूआई 47 मापा गया था, जो बेहतर की श्रेणी में था। 2022 में चौंकाने वाला आंकड़ा धर्मशाला का था, दिवाली पर धर्मशाला का वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रदेश में सबसे अधिक 127 और धर्मशाला के डमटाल का 120 दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त 100 से अधिक एक्यूआई की श्रेणी में पांवटा साहिब का 123 और नालागढ़ का 111 दर्ज किया गया था।
2021
शिमला का एक्यूआई 40 दर्ज किया गया, जो बेहतर की श्रेणी में आता है। सबसे खराब हवा की गुणवत्ता बद्दी में 165 दर्ज की गई थी। 100 से अधिक एक्यूआई वाले शहरों में पांवटा साहिब, नालागढ़ और बद्दी शामिल थे।
2020
शिमला का एक्यूआई 68 दर्ज किया गया था, जो संतोषजनक था लेकिन प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली का एक्यूआई 102 अंकों के साथ स्वास्थ्य के लिए असंतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुआ था। इस साल भी दिवाली पर मनाली का एक्यूआई 80 दर्ज हुआ है, जो बेहतर की श्रेणी में नहीं आता।
