नगर परिषद बद्दी के घटनाक्रम और अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई न किए जाने से कांग्रेस अब मुखर हो गई है। शनिवार को दून के पूर्व विधायक चौधरी राम कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय सोलन के बाहर जमकर हंगामा काटा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार, मुख्यमंत्री और डीसी के खिलाफ खूब नारेबाजी की।

डीसी से मिलने जाते वक्त पुलिस और कांग्रेस नेताओं में धक्कामुक्की भी हुई।
गौरतलब है कि जिला के दून विधानसभा क्षेत्र की नगर परिषद बद्दी में भाजपा और कांग्रेस में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। हालांकि नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस ने 5 और भाजपा ने 4 सीटें जीती थी, लेकिन बाद में एक कांग्रेस पार्षद को भाजपा में मिलाकर अपनी नगर परिषद बना ली थी। कुछ समय तक को सब ठीक चलता रहा, लेकिन करीब तीन सप्ताह पूर्व कांग्रेसी पार्षद तरसेम चौधरी नप अध्यक्ष की कथित मनमानी और कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर भाजपा से हाथ मिला बैठे।
वहीं
डीसी कृतिका कुलहरी ने कहा कि जिला प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए न्यूनतम 15 दिन का समय होता है और इसकी अधिकतम सीमा नहीं है। इस मामले में लीगल ओपीनियन लिया जा रहा है और मामला उच्चाधिकारियों को भी भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह के भीतर यह मामला सुलझा लिया जाएगा।
शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दून के पूर्व विधायक चौधरी राम कुमार अपने दर्जनों समर्थकों के साथ डीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और सरकार, मुख्यमंत्री व डीसी सोलन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष के खिलाफ डीसी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपे हुए करीब तीन सप्ताह का समय हो गया है, लेकिन आज तक उस पर चर्चा नहीं की गई और न ही अध्यक्ष को बहुमत साबित करने के लिए कहा गया, जिससे साफ है कि सरकार और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन भी इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। चौधरी राम कुमार ने आरोप लगाया कि यदि कहीं यह कांग्रेस की नगर परिषद होती तो सत्तासीन सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर तीन दिनों के भीतर बहुमत साबित करने के आदेश दे देती, लेकिन अब भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को लग रहा है कि नगर परिषद बद्दी भी हाथ से जाने वाली है, तो इसमें ड्रामेबाजी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पार्षद तरसेम चौधरी को तीन बैठकों में शामिल न होने के आरोप लगा कर निष्कासित करने का तानाबाना बुना जा रहा है, लेकिन उनके पास इसके सभी पुख्ता सुबूत हैं कि भाजपा के तीन पार्षद भी बैठकों में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में बद्दी में किसी भी कीमत पर अब भाजपा की नगर परिषद नहीं बनेगी।
नारेबाजी के बाद जब कांग्रेस कार्यकर्ता डीसी से मुलाकात करने के लिए जाने लगे तो मौके पर मौजूद पुलिस बल ने कुछ लोगों को प्रवेश के बाद अन्य को जबरन रोक लिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान पुलिस जवानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं बीच हल्की नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कार्यालय में प्रवेश करने के कुछ समय बाद डीसी सोलन कृतिका कुलहारी बैठक छोड़ कर उनसे मिलने पहुंचीं। पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी ने आरोप ने लगाया कि जिला प्रशासन सरकार और मुख्यमंत्री के दबाव में काम कर रहा है।
