Spread the love

जिला सिरमौर में लंबे अरसे से बारिश ना होने के चलते जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाएं सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। जिला सिरमौर में पिछले 2 माह से बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते जिला सिरमौर की 800 से ज्यादा पेयजल योजना में जलस्तर आधे से कम रह गया है। जिला सिरमौर की 42 पेयजल योजनाओं में कुछ ही दिन का पानी बचा है। जिला सिरमौर में जल शक्ति विभाग के पास 1308 पेयजल योजनाएं हैं। इनमें से जलशक्ति नाहन मंडल में 345, नोहराधार मंडल में 545, पांवटा साहिब में 161 तथा शिलाई मंडल में 255 पेयजल योजनाएं हैं।

जिसमें से नोहराधार जलशक्ति मंडल के तहत 9 योजनाएं, शिलाई मंडल के तहत 11, नाहन मंडल के तहत 11 तथा पांवटा साहिब मंडल के तहत 11 पेयजल योजनाएं सूखने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। यह पेयजल योजनाएं कभी भी सुख सकती हैं। जल शक्ति विभाग जिला सिरमौर ने इस संदर्भ में रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दी है। जिला सिरमौर की 42 पेयजल योजनाएं जो सूखे से प्रभावित हो रही है। वहां पर जलशक्ति विभाग हैंडपंप लगाने की योजना बना रहा है। जिसे जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा। पांवटा साहिब, शिलाई तथा पच्छाद क्षेत्र में कई योजनाएं सूखे की मार झेल रही है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। पहले जहां पर तीसरे दिन पानी आता था। अब एक-एक सप्ताह में पानी की सप्लाई हो रही है। जिसके चलते लोगों को पीने के पानी के साथ साथ अपने पालतू पशुओं को पानी पिलाने के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला सिरमौर जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता विशाल जसवाल ने बताया कि जिला सिरमौर में 42 पेयजल योजनाओं में जलस्तर काफी कम हो गया है। इन योजनाओं के स्थान पर विभाग द्वारा हैंडपंप लगाने को स्वीकृति प्रदान की गई है। पिछले 2 दिनों से शिमला में उच्च अधिकारियों तथा विभाग के मंत्री के साथ पेयजल योजनाओं को सूखे से बचाने के संदर्भ में शिमला बैठक चल रही हैं। सरकार के निर्देशों पर आगामी कार्य किया जाएगा।

You missed