नई दिल्ली | हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग की काउंटिंग के साथ ही नई सरकार मिल जाएगी। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी और दोपहर तक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हरियाणा की बात करें तो एग्जिट पोल में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलता नजर आ रहा है। हालांकि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए घमासान मचा हुआ है। उधर, कार्यवाहक सीएम नायब सैनी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा अकेले सरकार बनाएगी, लेकिन अगर हमें गठबंधन की जरूरत पड़ी, तो हम इस पर विचार करेंगे। हमारे पास सभी व्यवस्थाएं हैं। उधर, जम्मू-कश्मीर में 10 में से पांच एग्जिट पोल में कांग्रेस-एनसी की सरकार बनते दिख रही है। पांच में हंग असेंबली का अनुमान है। इसी बीच, खबर है कि जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के तुरंत बाद पांच विधायकों को मनोनीत किया जाएगा। गृह मंत्रालय के आदेश पर जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा पांच लोगों को विधानसभा के लिए नॉमिनेट करेंगे।
ऐसे में विधायकों की कुल संख्या 95 हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा बढक़र 48 हो जाएगा। दरअसल, 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2019 के तहत विधानसभा में पांच विधायकों को एलजी नामांकित कर सकते हैं। यह नियम महिलाओं, कश्मीरी पंडितों और पीओके के प्रतिनिधित्व के लिए लाया गया था। जुलाई 2023 में इसे संशोधित किया गया था। इन मनोनीत विधायकों को विधानसभा में वोटिंग के अधिकार के साथ-साथ सभी विधाई शक्तियां और विशेषाधिकार मिलेंगे। जम्मू और कश्मीर विधानसभा में उपराज्यपाल द्वारा नामित पांच व्यक्तियों की सरकार गठन में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना है। कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी ने सरकार गठन से पहले इन पांच सदस्यों की नामजदगी का विरोध किया है और सुप्रीम कोर्ट में जाने की धमकी दी है। कांग्रेस ने इस कदम को लोकतंत्र पर हमला और संविधान के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। यह सरकार के गठन का मामला है और यह सरकार का अधिकार है कि वह लोगों को नामित करे।
