Shri Yantra Sthapna Vidhi : हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उसके घर में देवी लक्ष्मी का वास हो और वह जीवन में सुख, समृद्धि और धन से भरा रहे। अगर आप अपने घर में धन, समृद्धि और सुख-शांति चाहते हैं, तो श्री यंत्र की स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है। यह देवी लक्ष्मी का प्रतीक है और इसकी सही विधि से पूजा करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
श्री यंत्र को वास्तु दोष निवारण और आर्थिक समृद्धि के लिए भी उपयोग किया जाता है। इसे शुक्रवार या किसी शुभ मुहूर्त में स्थापित करना श्रेष्ठ माना जाता है। स्थापना से पहले श्री यंत्र को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें और फिर इसे लाल कपड़े या कमल के फूल पर रखकर विधिपूर्वक पूजा करें। नियमित रूप से यंत्र का ध्यान और मंत्र जाप करने से धन संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
श्रीयंत्र क्या है और इसे क्यों स्थापित करें?
श्री यंत्र का प्रयोग देवी लक्ष्मी की कृपा के लिए किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए स्फटिक श्रीयंत्र का उपयोग करना चाहिए। श्री यंत्र का यदि शाब्दिक अर्थ देखा जाए तो श्री का अर्थ ‘धन’ और यंत्र का अर्थ ‘साधन’ होता है। श्रीयंत्र कों पूजा घर, दफ्तर या तिजोरी में रखना शुभ माना जाता है। श्रीयंत्र एक खास प्रकार का पिरमिड के आकार का यंत्र है जो देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे त्रिकोणों और वृत्तों से बनाया जाता है। श्रीयंत्र को घर में सही स्थान पर स्थापित करने से जीवन में धन व समृद्धि की प्राप्ति होती है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, तो उसे श्रीयंत्र की स्थापना करनी चाहिए।
श्रीयंत्र की स्थापना के लिए सही स्थान
वास्तुशास्त्र के अनुसार, श्रीयंत्र को घर के मंदिर या पूजा स्थल पर स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है। हालांकि, यदि आप इसे तिजोरी में रखना चाहते हैं, तो उसे भी रखा जा सकता है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि तिजोरी का स्थान साफ-सुथरा और पवित्र हो। यदि अस्वच्छ स्थान पर आप श्रीयंत्र की स्थापना करते हैं तो इसके लाभों में कमी हो सकती है।
श्रीयंत्र स्थापित करने की विधि
श्रीयंत्र स्थापित करने से पहले उस स्थान को अच्छे से साफ करे।
श्रीयंत्र के सामने दीपक जलाएं और ताजे फूल, चावल और अक्षत अर्पित करें।
श्रीयंत्र को पहले कच्चे दूध से धोकर फिर गंगाजल से शुद्ध करें।
‘ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ इस मंत्र का जाप करते हुए श्रीयंत्र स्थापित करें।
श्रीयंत्र की स्थापना के लिए शुक्रवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन देवी लक्ष्मी से जुड़ा होता है।
