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हमीरपुर।देश और प्रदेश के खराब चल रहे आर्थिक हालातों में जनता जानना चाह रही है कि देश के सरकारी उपक्रमों को बेचने की नौबत क्यों आई व प्रदेश कर्जे के पहाड़ के नीचे क्यों दबा। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि सवाल यह उठता है कि बीजेपी के राज में न तो कोई युद्ध हुआ और न ही कोई आपात स्थिति आई तो फिर ऐेसे में देश की संपत्तियों और परिसंपत्तियों को किस कारण से नीलाम किया जा रहा है और प्रदेश पर किस कारण से कर्जा लगातार बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में महंगाई व बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। बेरोजगारी के कारण देश और प्रदेश की युवा शिक्षित आबादी गहरे मानसिक तनाव में है। लेकिन सरकार आम आदमी के मुद्दों से भागती हुई इधर-उधर की बातें कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें 45 हजार करोड़ का कर्जा कांग्रेस के कारण मिला है लेकिन वह यह नहीं बता रहे हैं कि प्रदेश के शुन्य विकास की स्थिति में जो उनके कार्यकाल में 30 हजार करोड़ के करीब कर्जा प्रदेश पर बढ़ा है, वह किस कारण से बढ़ा है। क्योंकि उनके इस दौर में न तो कोई बड़ा विकास सामने आया है और न ही कोई बड़ी उपलब्धि दिख रही है।

राणा ने कहा कि सरकार प्रदेश पर बढ़े कर्जे को लेकर श्वेत पत्र जारी करे कि आखिर कर्ज में लिया गया हजारों करोड़ रुपया कहां खर्च हुआ है। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री यह बताने से तो गुरेज नहीं कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उन्हें बड़ा आर्शीवाद है और वह उनके शपथ समारोह व उनकी सरकार के 4 साल बीतने के समारोह में भी आए हैं। लेकिन प्रधानमंत्री के आने का प्रदेश की जनता को क्या लाभ हुआ। डबल इंजन की सरकार का आम आदमी को कितना लाभ हुआ, मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को यह भी बताएं। राणा ने कहा कि हकीकत में केंद्र व राज्य में बीजेपी सरकार की जुगलबंदी के कारण प्रदेश को नफा नहीं बल्कि नुकसान हुआ है।

प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। आम आदमी का जीवन यापन मुश्किल हुआ है। उन्होंने कहा कि अब 5 राज्यों में चुनाव का बिगुल बज चुका है। जैसे हिमाचल के उपचुनाव में जनता ने बीजेपी को खदेड़ा है वैसे ही अब इन 5 राज्यों के चुनावों में भी जनता बीजेपी को मजा चखाने के लिए बेताब है।

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