तेहरान, तेल अवीव।पश्चिम एशिया में जारी जंग में गुरुवार को ईरान को बड़ा झटका लगा है। अमरीका और इजरायल के हमलों में ईरानके अलबोर्ज प्रांत में बनाया जा रहा पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा पुल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस हमले के बाद इलाके में बिजली भी गुल हो गई, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी थम सी गई है। यह बी-1 वन ब्रिज ईरान के उत्तरी करज में स्थित है और यह मिडल ईस्ट का सबसे बड़ा पुल बनने जा रहा था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन यूएस डालर यानी 37 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में दावा किया कि अमरीका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमरीका दो-तीन हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमरीका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। उधर, ईरान की सेना के एयरस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी ने अमरीका को सख्त चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान को धमकी दे रहे हैं, वे असल में अपने ही सैनिकों को मौत की तरफ धकेल रहे हैं। ईरान को पाषाण युग में भेजने की बात ट्रंप की सिर्फ कल्पना है और ऐसा करना संभव नहीं है। हॉलीवुड ने आपके दिमाग में भ्रम पैदा कर रहा है। अमरीका सिर्फ 250 साल पुराना देश है, जबकि ईरान की सभ्यता 6,000 साल पुरानी है और वह हमें डाराने की कोशिश कर रहा है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बीच ईरान ने बड़ा फैसला किया है. ईरान ने कहा कि वह दुश्मनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को कभी नहीं खोलेगा। ईरान ने कहा है कि वह किसी भी यूरोपीय, एशियाई या अरब देश के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए समझौता करने को तैयार है, लेकिन दुश्मनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट कभी नहीं खोला जाएगा। ईरान के खातम अल अंबिया के सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने इजरायल और अमरीका के ऊपर विनाशकारी हमले करने की धमकी दी है। साथ ही ईरान की सैन्य क्षमताएं कम होने के ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए जोल्फागरी ने कहा कि हमारी सैन्य शक्ति और उपकरणों के बारे में आपकी खुफिया जानकारी अधूरी है। अमरीका ने जिन जगहों पर हमला किया है, वे महत्त्वहीन हैं। हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन जगहों पर होता है, जिन्हें आप नहीं जानते। जहां आप कभी नहीं पहुंच पाएंगे। उधर, ईरान के जिस नेता से पाकिस्तान शांति समझौते को लेकर बातचीत कर रहा था, उसी पर गुरुवार को अमरीका और इजरायल ने स्ट्राइक कर दी। पूर्व में ईरान के विदेश मंत्री रह चुके कमाल खराजी इस हमले में बुरी तरह से घायल हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी की मौत हो गई है।
होर्मुज को लेकर ब्रिटेन में 35 देशों की बैठक, भारत भी होगा शामिल
लंदन। ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है। ब्रिटेन ने इस बैठक के लिए भारत को आमंत्रित किया है। इस बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल होंगे। इसमें दुनिया के और भी कई बड़े देशों के शामिल होने की संभावना है।
