ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे 30 वर्षीय युवक की मौत का मामला प्रकाश में आया है। मृतक के परिजनों के परिजनों ने चिकित्सक व अन्य स्टाफ पर उपचार में कोताही बरतने के आरोप लगाए है। गुस्साएं परिजनों ने क्षेत्रीय अस्पताल के गेट पर शव रखकर रोष प्रदर्शन भी किया। परिजनों ने उपचार में कोताही बरतने वाले चिकित्सक व अन्य स्टाफ पर उचित कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। मृतक की माता कौशल्या देवी ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है। अस्पताल प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए चार सदसीय डाक्टरों की टीम गठित कर दी है। उक्त टीम मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों को सौंपेगी।
पीडि़ता कौशल्या देवी ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे के करीब उसके बेटे हरपाल (30) पुत्र स्व. रामजी दास निवासी सुनेहरा के सीने में दर्द उठी थी। इसके बाद वह छह बजे के करीब अपने बेटे को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल में स्थित एमरजेंसी में लेकर आए। उनका बेटा लगातार दर्द से कराहता रहा, लेकिन चिकित्सक व अन्य स्टाफ ने उसे कोई उपचार नहीं दिया। वह लगातार चिकित्सकों से दर्द की शिकायत करता रहा। महिला ने बताया कि आठ बजे के करीब अचानक उसका बेटा गिर गया और उसकी मौत हो गई। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डा. संजय मनकोटिया ने बताया कि मामले को लेकर चिकित्सकों की चार सदसीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। उक्त कमेटी मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। एसपी सचिन हिरेमथ ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
