शिमला। अश्विन नवरात्र मेले के तीसरे दिन प्रदेश के चार शक्तिपीठों में दिन मां के भक्तों ने मईया के चरणों में 42.92 लाख का नकद चढ़ावा चढ़ाया है। प्रदेश के शक्तिपीठों में सबसे अधिक चिंतपूर्णी मंदिर में 15.78 लाख का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में बुधवार को चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, श्रीनयनादेवी, ब्रजेश्वरी देवी व चामुंडा देवी मंदिर में 83 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मां के दर्शनों के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइनें लगी रही। शक्तिपीठों में दिनभर मईया के जयकारे गूंजते रहे।
चिंतपूर्णी मंदिर में 20 हजार भक्त नतमस्तक
चिंतपूर्णी मंदिर में तीसरे नवरात्र पर 15 लाख 78 हजार 305 रुपए नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि बुधवार को चिंतपूर्णी मंदिर में 20 हजार भक्तों ने शीश नवाया।
चामुंडा मंदिर में 1500 श्रद्धालुओं ने टेका माथा
चामुंडा देवी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के चौथे दिन बुधवार को 1500 श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया। मंदिर में भक्तों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस तैनात है।
बज्रेश्वरी मंदिर में 6500 भक्तों ने लिया आशीर्वाद
कांगड़ा स्थित ब्रजेश्वरी मंदिर में नवरात्र मेले के तीसरे दिन 10 लाख 72 हजार 80 रुपए नकद चढ़ावा चढ़ाया है। मंदिर अधिकरी प्रकाश चंद ने बताया कि नवरात्र मेले के चौथे दिन 6500 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। मंदिर में मां के दर्शनों के लिए सुबह से लाइनें लग रही हैं।
श्रीनयनादेवी मंदिर में 30 हजार ने टका माथा
श्रीनयनादेवी मंदिर में तीसरे नवरात्र पर नौ लाख 27 हजार 972 रुपए नकद चढ़ावा चढ़ाया है। मंदिर न्यास के अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि बुधवार को 30 हजार श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया।
ज्वालामुखी मंदिर में 25 हजार ने नवाया शीश
ज्वाला जी मंदिर में तीसरे नवरात्र पर सात लाख 14 हजार 200 रुपए नकद चढ़ावा चढ़ाया है। मंदिर अधिकार अजय मंडयाल ने बताया कि चौथे नवरात्र पर 25 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
