शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कालेजों में 320 नई स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटों को मंजूरी दिए जाने के निर्णय ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा गत शनिवार को की गई महत्त्वपूर्ण घोषणा से हिमाचल प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। इस निर्णय को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारत सरकार द्वारा इन नई पीजी मेडिकल सीटों के लिए लगभग 415 रुपए करोड़ का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा चिकित्सा शिक्षा को सुलभ बनाने और देश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की दिशा में हिमाचल प्रदेश को मिली यह स्वीकृति एक महत्त्वपूर्ण कदम है। वहीं केंद्र सरकार से मिली सौगात को हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
—पूर्व सीएम जयराम ठाकुर
राज्य सरकार से स्वीकृत सीटों को समय पर शुरू करने का आग्रह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि सभी 320 स्वीकृत पीजी मेडिकल सीटों को समय पर शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि प्रदेश के युवाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चल रही अन्य महत्त्वपूर्ण विकास परियोजनाओंए विशेष रूप से क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण में भी तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री नड्डा ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश में 320 नई पीजी मेडिकल सीटों की मंजूरी और लगभग 415 रुपए करोड़ की केंद्रीय सहायता राज्य में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। इस निर्णय के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलने के साथ-साथ भविष्य में आम नागरिकों तक बेहतर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
देश भर में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की व्यापक योजना का हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने 15000 करोड़ रुपए की लागत से अगले पांच वर्षों में देश भर में 10000 नई यूजी और पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने की योजना को मंजूरी दी है। हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत 320 नई पीजी मेडिकल सीटें भी इसी व्यापक पहल का हिस्सा हैं। यह निर्णय देश में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने तथा राज्यों की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के केंद्र सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हिमाचल प्रदेश में 320 नई पीजी मेडिकल सीटों की स्वीकृति इसी व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढऩे के साथ-साथ भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने में भी सहायता मिलेगी।
हिमाचल के युवाओं को बढ़ेंगे अवसर
केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों के लिए स्नातकोत्तर शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे। वर्तमान में सीमित पीजी सीटों के कारण अनेक विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश से बाहर अवसर तलाशने पड़ते हैं। नई सीटों के शुरू होने से हिमाचल में ही उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस स्वीकृति को चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल मेडिकल विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि भविष्य में प्रदेश के अस्पतालों में विभिन्न विशेषज्ञताओं के प्रशिक्षित डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
छह मेडिकल कालेजों को इतनी सीटें
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 320 नई पीजी सीटों में शिमला के लिए 91, टांडा और हमीरपुर के लिए 57-57, मंडी के लिए 55, नाहन के लिए 32 तथा चंबा के लिए 28 सीटें शामिल हैं। इन सीटों से सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधाओं का विस्तार होगा। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना विशेष महत्व रखता है। नई पीजी सीटों से भविष्य में प्रदेश के पहाड़ी, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
नड्डा के प्रस्ताव पर केंद्र की त्वरित कार्रवाई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया था कि हिमाचल प्रदेश सरकार से 23 जून, 2026 को 320 नई पीजी मेडिकल सीटों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। इसके बाद 6 अक्तूबर, 2026 को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता से कार्रवाई करते हुए सभी 320 सीटों को स्वीकृति प्रदान कर दी। श्री नड्डा ने कहा था कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के प्रस्ताव पर तेजी से निर्णय लिया है और अब राज्य सरकार से भी अपेक्षा है कि वह आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करे, ताकि विद्यार्थियों और प्रदेश की जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का सीधा संबंध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से है। नई पीजी सीटों के माध्यम से अधिक संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने की क्षमता विकसित होगी, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढऩे से मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों या दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम करने की दिशा में भी प्रगति हो सकेगी। साथ ही मेडिकल कालेजों में शैक्षणिक गतिविधियों, चिकित्सा अनुसंधान तथा रोगियों को उपलब्ध कराई जाने वाली विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
