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शिमला। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एचपी वीबी-जी राम जी (हिमाचल प्रदेश विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 27 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना बुधवार से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हो गई है। यह योजना रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत-गारंटी अधिनियम, 2025 की धारा 3 (1) और धारा 8 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचित की गई है। योजना का विस्तृत स्वरूप अधिसूचना के साथ संलग्न अनुबंध-ए में दिया है।

ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका के अवसरों और आर्थिक सशक्तीकरण से जोडऩा है। यह योजना हिमाचल प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पॉलरासु द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि एचपी वीबी-जी राम जी योजना प्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

केंद्र ने वीबी जीराम जी में बढ़ा दी दिहाड़ी

नई अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश के सामान्य क्षेत्रों में ग्रामीण श्रमिकों को 300 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में यह दर 375 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। यानी अनुसूचित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को सामान्य क्षेत्रों की तुलना में 75 रुपए अधिक दिहाड़ी मिलेगी।

शिकायतों के लिए अलग रजिस्टर

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में शिकायत पंजी रखा जाएगा। इसमें रोजगार, मजदूरी अथवा अन्य किसी विवाद से संबंधित सभी शिकायतें दर्ज की जाएंगी और नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

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