शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आदेशों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने जिला शिमला के रोहड़ू (बाईपास) में पब्बर नदी पर निर्माणाधीन बखीरना पुल के गिरने की की जांच के लिए तीन सदस्यीय गुणवत्ता नियंत्रण दल का गठन किया है.गुणवत्ता नियंत्रण सैल के अध्यक्ष संजय कुंडू ने कहा कि इस दल में अधीक्षक अभियन्ता दीपक शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ललित ग्रोवर और सहायक अभियन्ता देवेश ठाकुर शामिल होंगे. संजय कुंडू ने इन अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. संजय कुंडू ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट के अनुसार दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.शिमला जिले के रोहड़ू में पब्बर नदी पर यह पुल बन रहा था. यह पुल रोहड़ू बाईपास से नए बस स्टैंड को ज़ोड़ने के लिए बनाया जा रहा था.
पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था. वर्ष 2018 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण हो रहा था. कुल 96 मीटर लंबा यह पुल था. जिसका 66 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है और बीच का हिस्सा पब्बर नदी में गिर गया.रोहड़ू-मेंदली बाइपास को जोड़ने के लिए बनाया जा रहे इस पुल का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग ने पंचकूला की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा था. ऐसे में निर्माणाधीन पुल गिरने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं.
