बिलासपुर। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब साढ़े 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि नम्होल क्षेत्र के एक युवक ने अप्रैल माह में फोन कर उसे मिलने बुलाया। जिसके बाद जंगल के रास्ते उसे मुख्य सड़क तक ले गया, जहां एक कार आई, जिसमें 3 लोग पहले से ही सवार थे, जिनमें से एक उपप्रधान भी था। जिसके बाद आरोपी उसे कार में अपने घर पोहनी नम्होल ले गए। लड़का उसे अपनी मासी के घर ले गया जो इसके घर से करीब दो तीन किलोमीटर आगे था।
यहां पीडि़ता को करीब 10-12 दिनों तक रखा जिसके बाद दोबारा से वह पैदल जंगल के रास्ते से अपने घर ले आया और बीच जंगल में आरोपी ने पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं घर पंहुचते ही आरोपी ने पीडि़ता को अपने भाई के हवाले कर दिया और उसके भाई ने भी पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद आरोपियों ने नाबालिगा को अपने घर में बंधक बना कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म करते रहे और घर का भी काम करवाते। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के पिता के पास दो बंदूके हैं और जब यह वहां पर बंधक बना रखी थी उस दौरान दो बार इनके बाप ने इस पर बन्दुक तान कर इसे धमकाया की यदि तूने आगे किसी को इस बारे में बताया तो तुझे जान से मार देंगे।
जिसके बाद डऱ की वजह से वह करीब चार माह तक इस घर में बंधक बनी रही और दोनों भाई इससे घर का सारा काम करवाते थे और इसके साथ दुष्कर्म करते रहे। शनिवार सुबह पीडि़ता जैसे तैसे आरोपियों के चंगुल से भाग गई और बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यांन के पास पहुंची। सीमा संख्यांन ने इस लड़की की तरफ से एसपी बिलासपुर के पास शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल शर्मा खुद बरमाणा थाना पहुंचे और शनिवार देर रात को आरोपी युवक को शिमला से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा एएसपी ने रविवार को नम्होल के पोहनी क्षेत्र में आरोपियों के घर में दबिश दी और घर से आरोपी के भाई और पिता को गिरफ्तार कर लिया।
उधर मामले में अभी पूर्व उपप्रधान व कार चालक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिन्हें जल्द ही पुलिस गिरफ्तार करेगी। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि बिटिया फाउंडेशन की शिकायत पर बरमाना थाने में आईपीसी की धारा 363, 366, 342, 376, 34 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
