Kartik Purnima 2024: कार्तिक माह भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। यह हिंदू पंचांग का आठवां महीना है, जो अंग्रेजी कैलेंडर में अक्टूबर और नवंबर के महीनों में पड़ता है। इस माह के स्वामी भगवान कार्तिकेय हैं, इसलिए इसे कार्तिक महीना कहा जाता है। इस माह में धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन और छठ पूजा जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं। इस माह में आने वाली देवउठनी एकादशी को सभी एकादशी में विशेष माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की निद्रा के बाद जागते हैं, जिसके बाद चातुर्मास का समापन होता है।
इस माह में जहां विष्णु जी की पूजा का विधान है, वहीं इस महीने की पूर्णिमा तिथि पर भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इसलिए इसे त्रिपुरी या त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देव दिवाली का पर्व भी मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार इस साल 15 नवंबर 2024 को कार्तिक पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा पर 30 वर्ष बाद शश राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो बेहद लाभकारी है। ऐसे में कुछ खास कार्यों को करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा तिथि 2024
कार्तिक पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर 2024 को सुबह 06 बजकर 19 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 16 नवंबर 2024 को सुबह 02 बजकर 58 पर होगा।
कार्तिक पूर्णिमा 2024 स्नान-दान का समय
कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान-दान शुभ मुहूर्त -सुबह 04 बजकर 58 मिनट से सुबह 5.51 मिनट कर है।
सत्यनारायण पूजा – सुबह 06 बजकर 44 मिनट से सुबह 10.45 मिनट तक।
चंद्रोदय समय – शाम 04.51
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन वस्त्रों का दान करना चाहिए। इसे बेहद ही शुभ माना जाता है। कहते हैं कि वस्त्रों का दान करने से पितरों का आशीर्वाद वंशों पर बना रहता है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर तिल का दान करें। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
- अन्न का दान जीवन का सबसे बड़ा दान होता है। माना जाता है कि इसका दान करने से व्यक्ति के घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती हैं।
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुड़ का दान करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इतना ही नहीं गुड़ का दान करने से घर से दरिद्रता भी दूर होती है।
