शिमला। राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1, 6, 9 और 11वीं के दाखिले कोविड-19 के खतरे के बीच प्रभावित नहीं होंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए नई योजना तैयार की है। कफ्र्यू के बीच ही स्कूल के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक सहित कुछ नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल बुलाया जाएगा और छात्रों के दाखिले किए जाएंगे, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो सके। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को फेसबुक पर संवाद ‘शिक्षा पर चर्चा’ के माध्यम से यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा 11 मई को अहम बैठक होने जा रही है। बैठक के बाद विभाग की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा शिक्षकों ने घरों में बैठकर सराहनीय कार्य किया है। पढ़ाई के साथ मिड-डे-मील भी छात्रों तक पहुंचाया है। एसएमसी अध्यापकों के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार ने कोर्ट में स्टे वेकेट करवाने के लिए आवेदन किया है, जल्द ही इस पर सरकार फैसला लेगी।
जून के पहले सप्ताह में 10वीं और अंतिम सप्ताह में 12वीं का रिजल्ट
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जून महीने के पहले सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा। पेपर चेकिंग का कार्य पूरा होने वाला है। 12वीं कक्षा के भूगोल और कंप्यूटर साइंस का पेपर जल्द करवाया जाएगा। इन दोनों ही विषयों में काफी कम बच्चे हैं ऐसे में शारीरिक दूरी का नियम बाधा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि जून के अंतिम सप्ताह में 12वीं कक्षा का रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा।
जुलाई में परीक्षा, सितंबर में शुरू होगा सत्र, शिक्षकों की छुट्टियों का शेड्यूल बदला
कॉलेजों और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जुलाई महीने में होंगी। परीक्षाएं होने के तुरंत बाद मूल्यांकन का कार्य शुरू हो जाएगा। जुलाई में ही दाखिले शुरू हो जाएंगे। सितंबर महीने से कॉलेज और विवि में नया सत्र शुरू हो जाएगा। इसके लिए विभाग ने प्लान तैयार कर दिया है। जून में प्रेक्टिकल और उसके बाद परीक्षाएं होंगी। हालांकि स्थिति सामान्य होने पर यह चीजें निर्भर करेगी।
पथ प्रदर्शक बना कोविड, अब ऑनलाइन पढ़ाई बनेगा रेगुलर फीचर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई करने में अहम भूमिका निभाई है। शिक्षकों ने खुद वीडियो तैयार कर यू ट्यूब व वाट्सएप के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाए इसके लिए वह बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर की शिक्षा देने के लिए ये जरूरी है कि आईटी के माध्यम से पढ़ाई कर पाएं। कोविड-19 विभाग के लिए पथ प्रदर्शक बना है। हालांकि विभाग ने इस पर काम पहले शुरू कर दिया है। स्मार्ट क्लास रूम और वर्चुअल क्लास रूम के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब वाटसएप के साथ एसएमएस के जरिए भी बच्चों को होमवर्क दिया जाएगा।
निजी स्कूलों की फीस पर होगा फैसला
शिक्षा मंत्री ने निजी स्कूलों से आग्रह किया कि फीस लेने के लिए अभिभावकों पर दबाव न बनाए। उन्होंने कहा कि अभी तक डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश विभाग को दिए हुए हैं। 11 मई को विभाग ने एक अहम बैठक बुलाई है। इसमें निजी स्कूलों की फीस के संबंध में सरकार कोई निर्णय लेगी। उन्होंने निजी स्कूलों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी शिक्षक का वेतन न रोके। यह अंर्तराष्ट्रीय स्तर की आपदा है ऐसे में हर वर्ग का ध्यान रखना अनिवार्य है।
