शिमला, 30 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश में युवाओं को हरित रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से हिमकॉस्ट की ओर से आयोजित ‘प्रकृति संरक्षण एवं इकोटूरिज्म गाइड’ प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 20 युवाओं ने भाग लिया। नौ सितंबर से 30 अक्तूबर तक शोघी स्थित सीएसएलसी-साइंस म्यूजियम में चले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और इकोटूरिज्म से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति संरक्षण के साथ पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना था। समापन समारोह में हिमकॉस्ट के संयुक्त सदस्य सचिव-सह-समन्वयक ईआईएसीपी डॉ. सुरेश सी. अत्री मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे। इस दौरान सभी 20 प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में उमेश पठानिया, डॉ. शशि धर, डॉ. ऋत्विक चौहान और जय प्रिया भी मौजूद रहे।
