बिलासपुर | प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण का विजन डॉक्यूमेंट केंद्र सरकार ने शेयर किया है। चौथे चरण में 2011 की जनगणना के आधार पर 100, 200 और 300 की आबादी वाले गांवों को सडक़ से जोड़ा जाएगा। इसमें पहले चरण की अधूरी बची सडक़ें व कच्ची और मिट्टीयुक्त व सोलिंग वाली सडक़ें भी कवर होंगी। यह कार्य 800 किलोमीटर में किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा नई सडक़ों का निर्माण कार्य भी किया जाना है। ऐसे में उम्मीद है कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में हिमाचल प्रदेश में 2500 से 3000 किलोमीटर सडक़ें बनेंगी। यह खुलासा लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नम्होल पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर की उपस्थिति में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में किया है। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार सडक़ निर्माण व अपग्रेडेशन कार्यों की मॉनिटरिंग कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण में इस बार एक खास बात यह है कि पहले चरण में आधी अधूरी बनी सडक़ों को पूरा किया जाएगा और कच्ची सडक़ों को पक्का करने का कार्य किया जाएगा। लगभग 800 किलोमीटर में यह कार्य होना है। इसके अलावा नई सडक़ों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना का चौथा चरण नई सौगातें लेकर आया है। तीसरे चरण के पहले पैकेज में 500 करोड़ रुपए प्रदेश के हिस्से आए थे और उसके बाद 2700 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से आए हैं। इस समय सडक़ों की अपग्रेडेशन का कार्य चला हुआ है। एफडीआर, सीटीवी और कन्वेशनल तकनीक आधारित सडक़ें तैयार की जा रही हैं। सडक़ों के किनारे पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही नालियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
80 करोड़ रुपए से अपग्रेड होगा बैरी-नवगांव रोड
विक्रमादित्य सिंह ने बिलासपुर में मंडी के लिए शॉर्टकट सडक़ बैरी-नवगांव की अपग्रेडेशन के लिए 80 करोड़ रुपए की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस स्वीकृति में जेपी नड्डा का भी सहयोग रहा है। प्रदेश की सडक़ों की अपग्रेडेशन के लिए केंद्र से 300 करोड़ रूपए की स्वीकृति आई है।
पांच करोड़ रुपए से सुधरेगी ब्रह्मपुखर-घागस सडक़
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार जिला में ब्रह्मपुखर से घागस सडक़ की अपग्रेडेशन पर पांच करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। एनएचएआई की ओर से अढ़ाई करोड़ रुपए डिपॉजिट करवाए गए हैं। इस सडक़ पर दो ब्रिज हैं, जो पिछली डीपीआर में छूट गए हैं। ऐसे में इस बार उन्हें कवर किया जाएगा।
