शिमला | एचआरटीसी चालक-परिचालकों ने प्रदेश सरकार को मांगें पूरी करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने साफ किया गया है कि अगर तीन दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो रविवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। राज्य एचआरटीसी परिचालक और एचआरटीसी चालक संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और महाप्रबंधक एचआरटीसी को नोटिस जारी कर इस बारे में अवगत करवा दिया है। इसके बाद कर्मचारियों ने पुराना बस स्टैंड में गेट मीटिंग की और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एचआरटीसी चालक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी लंबित देनदारियों को लेकर घोषणा और आश्वासन दे रही है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिला है। इसको देखते हुए अब संघ ने कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार को परिचालकों की वेतन विसंगति, 65 महीनों का रात्रि अतिरिक्त समय भत्ता और 50 हजार रुपये एरियर की पहली किस्त, चालकों की वरिष्ठ चालक के पद पर पदोन्नति जैसी मांगें प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने इस बारे में मंच से घोषणा की थी, जिसमें 50 करोड़ रुपये रात्रि व अतिरिक्त समय भत्ता और 9 करोड़ रुपये मेडिकल बिल दिसंबर 2024 तक देने की बात कही गई थी।
इसके तहत 72 घंटे का चक्का जाम है। यानी की रविवार रात 11:59 बजे से बुधवार रात 11:59 बजे तक हड़ताल की जाएगी। इसमें हिमाचल पथ परिवहन निगम की सभी बसें जहां हैं, वहीं खड़ी रहेंगी। संघ ने साफ किया है कि इससे जो भी परेशानी आम जनता और घाटा निगम को होगा उसकी पूरी जिम्मेवारी निगम प्रबंधन और सरकार की होगी। परिचालक यूनियन के प्रांतीय प्रधान प्रीत महेंद्र ने आम जनता से भी अपील की है कि 9 तारीख रात 12:00 बजे के बाद की किसी भी बस की ऑनलाइन या एडवांस में टिकट बुक न करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम का चालक-परिचालक हड़ताल को करने के लिए मजबूर हो गया है।
