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शिमला | मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जल क्रीड़ा गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जल क्रीड़ा आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर हिमाचल देसी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला बिलासपुर में अक्तूबर के अंत तक पर्यटकों को क्रूज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। पर्यटकों को बेहतर हवाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकार बिलासपुर से मनाली या कुल्लू तक हेली टैक्सी सेवा शुरू करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला ऊना के अंदरौली में गोबिंद सागर झील में जल क्रीड़ा गतिविधियां भी शुरू होने वाली हैं। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और इस माह के अंत तक इन्हें जारी कर दिया जाएगा।

साल के अंत तक जल क्रीड़ा गतिविधियों, पैराग्लाइडिंग और अन्य साहसिक खेलों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। जल्द ही अंदरौली में गोबिंद सागर झील कार्निवल का आयोजन करना भी प्रस्तावित है। राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा के पौंग बांध में भी साहसिक खेल गतिविधियां शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

क्रूज फ्लोटिंग रेस्तरां भी शुरू करने की योजना

फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के मतियाल और जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र के नंगल चौक में पौंग बांध जल क्रीड़ा गतिविधियां शुरू करने की अनुमति मिल गई है। पर्यटन विभाग जून 2025 तक शिकारा, क्रूज फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउस बोट और अन्य जल आधारित खेल गतिविधियों का संचालन शुरू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पौंग बांध में साहसिक खेल गतिविधियों को शुरू करने का उद्देश्य कांगड़ा जिला में पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी करना है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं और अनुमान है कि इस वर्ष लगभग दो करोड़ पर्यटक हिमाचल आएंगे।

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