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अर्की: हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त उपनिदेशक जीवन शर्मा ने प्रदेश के आठ लाख बेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे अधिकारियों व कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने व पुन: रोजगार देने के मामले में परहेज करें। उन्होंने यहां से जारी एक प्रेस बयान में कहा कि एक अधिकारी व कर्मचारी को सेवा विस्तार देने से प्रदेश के दो व तीन कर्मचारियों के पेट पर लात पड़ती है, क्योंकि वर्तमान स्थिति में एक नियमित अधिकारी या कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद उसकी जगह दो या तीन कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर वेतन दिया जा सकता है उन्होंने कहा कि इसके अलावा सालों से सेवाएं दे रहे अधिकारियों को पुन: रोजगार देने से पदोन्नति की आशा लगाए बैठे सैकड़ों कर्मचारियों को बिना प्रमोशन के सेवानिवृत्त होना पड़ता है। इससे प्रमोशन चैनल भी थम जाता है। प्रदेश में हर पद के लिए योग्य व अनुभवी अधिकारी मौजूद हैं। उन्हें भी मौका देकर परखा जाए। उन्होंने कहा कि गौरतलब है कि भाजपा चुनावी दौर में पूर्व सरकार को टायर्ड व रिटायर्ड लोगों की सरकार बोलती थी, परंतु अब खुद प्रदेश सरकार भी पूर्व सरकार की भांति उनके नक्शे कदम पर चल रही है । उन्होंने मांग की है कि प्रशिक्षित बेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए जयराम सरकार को भविष्य में किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को सेवा विस्तार नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर भी इस विस्तार के प्रति रोष पनप रहा है, क्योंकि बहुत से कार्यकर्ता किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को सेवा विस्तार या पुन: रोजगार देने के खिलाफ़ है तथा इसी मुद्दे पर सरकार सत्ता में आसीन है।

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