शिमला | हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तीसरे दिन की कार्यवाही में प्रश्नकाल बिना किसी गतिरोध के चला। सदन में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की जब तक खरीद नहीं हो जाती, तब तक डीजल बसें खरीदी जानी चाहिए। नई बसों को जरूरत के हिसाब से सभी जगह भेजा जाए। इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी एक कल्याणकारी संगठन है, यह व्यावसायिक संगठन नहीं है। घाटे के रूट और रियायती रूट भी एचआरटीसी चला रही है। उन्होंने कहा कि 600 पुरानी बसों को बदला जा रहा है। अन्य जगहों पर भी ऐसा किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि सत्ता पक्ष की पार्टी के विधायकों के इलाकों में ही नई बसें दी जाएंगी। ये सब जगह दी जाएंगी।
डाॅक्टरों के तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप न करें विधायक : शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने विधायकों से डाॅक्टरों के तबादलों के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया है। मंत्री ने कहा कि मानवीय आधार पर इस क्षेत्र को छोड़ दें। मरीजाें को इस कारण उपचार नहीं मिल पा रहा है। विधायक मलेंद्र राजन ने इंदौरा और गंगथ में स्टाफ की कमी का मामला उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने गंगथ और इंदौरा के लिए दो डाक्टर भेजे थे लेकिन उन्होंने पद ग्रहण ही नहीं किया। इस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शांडिल ने सदन में चिकित्सकों की नियुक्ति के मामले में आ रहे राजनीतिक हस्तक्षेप का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मानवीय आधार पर बातों को सुनना चाहिए, मगर इतना भी नहीं सुनना चाहिए कि चिकित्सक ही अस्पताल छोड़कर चले जाएं। मालूम नहीं वे कहां-कहां चले जाते हैं और किन-किन के पांव छूते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विधायकों से दबाव बनाकर डाॅक्टर अपने तबादले रद्द करवा लेते हैं। ऐसे मामलों में विधायक को अधिक सहयोग नहीं करना चाहिए। उधर, डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने सलूणी, किहार के अस्पतालाें में रिक्तियों को भरने का मामला उठाया। मंत्री ने कहा कि वे वह व्यक्तिगत तौर पर इन क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
