शिमला। हिमाचल प्रदेश में कोरोना के तीन पॉज़िटिव मामले पाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इसमें कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही ही नज़र आ रही है. उनका कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश के लोग लॉक डाउन का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं. वहीं बाहर से आने वाले संक्रमित लोगों ने प्रदेश में कोरोना की चिंता को और बढ़ा दिया है. उन्होंने इस महामारी से होने वाली अब तक दो लोगों की मौत पर भी दुःख व्यक्त किया है.हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि देश में आज लोगों के बीच एक अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
लाखों लोग बेरोजगारी की मार झेलते हुए अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठहर सी गई है. देश मे भयानक मंदी का दौर शुरू हो गया है और अगर अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगे आने वाला समय और भी भयावह हो सकता है.वीरभद्र सिंह ने आज यहां कहा कि लॉक डाउन के तीसरे चरण में मंडी जिले में अचानक दो लोगों का कोरोना से संक्रमित पाया जाना चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से जो लोग प्रदेश में अपने घर लौट रहे हैं, उनकी पूरी तरह से स्क्रीनिंग न किया जाना इसका मुख्य कारण लगता है।
उन्होंने कहा कि तादाद में हिमाचल से लोग अपने घर चले गए, उससे इस माहमारी के संक्रमण के बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.वीरभद्र सिंह ने कहा है कि जो भी लोग प्रदेश में अपने घर आ रहे है उनके स्वास्थ्य की जांच में पूरा कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोरोना का असर देश प्रदेश से जल्दी से जाने वाला नहीं लगता है, इसलिए इसकी रोकथाम के लिए कई ठोस कार्य योजनाएं बनाये जाने की बहुत ही जरूरत रहेगी.उन्होंने कहा है कि उन्होंने पिछले दिनों अपने पत्र में प्रदेश सरकार को कई सुझाव दिए थे. प्रदेश सरकार कोरोना महामारी कोई विकराल रूप ले ले, इसलिए इस दिशा में जल्दी काम शुरू कर देना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में टेस्टिंग किट्स, सुरक्षा के उपकरण, वेंटिलेटर इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए. इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में समय के अनुरूप विस्तार के लिए और अधिक बजट का विशेष प्रावधान करने की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. जिले के सभी अस्पतालों में टेस्टिंग सुविधा हो ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी माहमारी का तुरंत पता लगाया जा सके.वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन की वजह से बेरोजगारी के चलते अन्य राज्यों की भांति प्रदेश से भी हजारों कामगार, लेबर अपने अपने घरों को पलायन कर चुके हैं।
उनका कहना है कि इसका प्रदेश की आर्थिकी पर विपरीत असर पड़ेगा. प्रदेश में कृषि और बागवानी में लेबर का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है. इस बार इनके यहां नहीं होने से एक बड़ी गंभीर समस्या पैदा होने वाली है।
