शिमला | पूर्व उद्योग मंत्री एवं विधायक बिक्रम ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल की वर्तमान सरकार हर उस वर्ग के खिलाफ काम कर रही है, जिसे सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की सबसे ज्यादा जरूरत है। चाहे बीपीएल सर्वे हो, पंचायतों की स्वायत्तता, कर्मचारी हित, महिला सम्मान या जनसुविधाएं हर मोर्चे पर सरकार ने जनविरोधी निर्णय लिए हैं।बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए सालाना आय ₹50,000 तय की है, लेकिन यह मानक केवल पहले से सूची में दर्ज परिवारों पर ही लागू किया जा रहा है। नए आवेदन करने वाले गरीब परिवारों की वास्तविक आय को तहसील स्तर पर जानबूझकर ₹50,000 से ऊपर दर्शाया जा रहा है, जिससे उन्हें बीपीएल सूची से वंचित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम रोजगार सेवकों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। सिलाई अध्यापिकाएं, पंचायत चौकीदार और अन्य मानदेयी कर्मचारी भी बीते पांच महीनों से भुगतान के इंतजार में हैं। चौकीदारों के लगभग 900 पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने की कोई प्रक्रिया सरकार ने नहीं चलाई। जिन चौकीदारों ने 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया, उन्हें दैनिक वेतन भोगी तक नहीं बनाया जा रहा।
