शिमला। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ ने कहा है कि कांग्रेस और वामपंथी बस किराए बढ़ाने को लेकर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। यहां पर जारी एक बयान में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा है कि प्रदेश में किराया बढ़ाना एक समय की जरूरत थी, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस और वामपंथी बस किराए में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं वह मात्र एक राजनीतिक स्टंट है। जबकि वास्तविकता यह है कि जनता भी यह मान रही है कि किराया बढ़ाना एक समय की मांग थी और जिन लोगों को आज की परिस्थितियों में बसों के बजाय टैक्सियों में महंगा सफर करना पड़ रहा था वह यह मानकर चल रहा है कि अगर नाम मात्र की वृद्धि बस किराया में हुई है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि पंजाब में उनकी सरकार है तथा पंजाब में भी कई गुना किराया बढ़ा हैं।
बस किराया वृद्धि का जनता तो कहीं भी विरोध नहीं कर रही है लेकिन मात्र राजनीतिक लोग ही इस तरह का विरोध कर रहा है वह भी वह लोग जिन्होंने कभी बस में ना सफर किया है और ना ही आगे करेंगे। उन्होंने कहा है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में बस किराये में आंशिक वृद्धि की है जिसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर लॉकडाउन एवं वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के कारण अपनी बसें चलाने में सक्षम नहीं थे इसलिए कई दिनों से सरकार से कोई ना कोई मदद मांगना चाह रहे थे और जब सरकार ने बस ऑपरेटरों कि किराया बढ़ाकर थोड़ी राहत दी है तो उसमें कोई बुराई नहीं है। कांग्रेस के लोग महज विरोध करना जानते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तो कांग्रेस सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को कुचलने का भरपूर प्रयास किए थे। जिसमें बिना रूट परमिट से गैरकानूनी तरीके से निजी बस ऑपरेटरों के आगे पीछे बसें चलाई गई थी इस कारण निजी बस ऑपरेटरों को माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा तथा निजी बस आज खड़ी कर दी जिसका सारा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है
और इसमें गलती पूर्व कांग्रेस सरकार की रही है। उन्होने कांग्रेसी एवं वामपंथी को सलाह दी है कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किराए बढ़ाने का विरोध ना करके कोई और रास्ता अपनाएं क्योंकि किराए बढ़ाने को लेकर के जनता ने भी मन बना दिया है कि यह आंशिक वृद्धि इस समय बहुत जरूरी थी
